Tuesday, 7 July 2026
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ब्लूबेरी कंपनी पर रास्ता रोकने का आरोप:बैतूल में किसान बोले- फसलों को नुकसान पहुंचाया, कंपनी ने कहा- नियमों के तहत किया काम

INT News7 July 2026 at 09:49 pm

बैतूल की मुलताई तहसील के हथनापुर और डहरगांव क्षेत्र में ब्लूबेरी की खेती कर रही एक निजी कंपनी एक बार फिर विवादों में है। किसानों ने कंपनी पर उनकी खेती तक जाने का वर्षों पुराना रास्ता बंद करने और मक्का की फसल व खेत को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। मंगलवार को प्रभावित किसान कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि वे कई पीढ़ियों से उस भूमि पर खेती करते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि कंपनी ने किसानों से खरीदी गई जमीन पर ब्लूबेरी का बाग विकसित करते समय फेंसिंग कर दी। इससे उनकी खेती तक जाने वाला रास्ता बंद हो गया और उस पर ताला लगा दिया गया। कंपनी पर फसल को नुकसान पहुंचाने का आरोप

किसानों ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में मक्का की बुवाई कर दी थी। आरोप है कि कंपनी ने जेसीबी चलाकर खेत और फसल को नुकसान पहुंचाया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। रास्ता बंद होने के कारण वे अपनी फसल की देखभाल भी नहीं कर पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने खेती के लिए बैंक से ऋण लिया है। यदि समय पर खेती नहीं हो सकी तो कर्ज चुकाना मुश्किल हो जाएगा। ज्ञापन में किसानों ने रास्ता खुलवाने, फसल और खेत को हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। कंपनी प्रतिनिधि बोले- केवल अपनी जमीन कवर की

वहीं, कंपनी के प्रतिनिधि रमेश सोलंकी ने किसानों के सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि कंपनी ने केवल अपनी खरीदी हुई जमीन पर ही फेंसिंग और लेवलिंग कराई है। जिन खसरा नंबरों पर किसान दावा कर रहे हैं, वे कंपनी की भूमि से अलग हैं। उन्होंने बताया कि सीमांकन प्रशासन की मौजूदगी में कराया गया था। इसके बाद ही यह काम किया गया। रमेश सोलंकी ने कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि संबंधित भूमि कंपनी की नहीं है, तो कंपनी अपना दावा छोड़ देगी। उन्होंने रास्ता रोकने के आरोप से भी इनकार किया। साथ ही कहा कि जरूरत पड़ने पर कंपनी अपनी जमीन से किसानों के खेत तक वैकल्पिक रास्ता देने को तैयार है। कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश मामले को गंभीरता से लेते हुए बैतूल कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवाने ने एसडीएम मुलताई को मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने और पूरे मामले की जांच कर तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही किसानों और कंपनी के दावों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। गौरतलब है कि मुंबई की यह निजी कंपनी मुलताई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ब्लूबेरी की खेती कर रही है। इससे पहले भी डैम के पानी और मजदूरी से जुड़े विवादों को लेकर कंपनी चर्चा में रह चुकी है। अब किसानों की शिकायत के बाद एक बार फिर मामला सुर्खियों में है।