Tuesday, 7 July 2026
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नर्मदापुरम में अवैध मिट्टी उत्खनन पर पंचायत सचिव को नोटिस:खुदाई मामले में सात दिन में जवाब मांगा; जेसीबी पर जुर्माना भी लगा

INT News7 July 2026 at 11:41 am

नर्मदापुरम जिले के रैनीपानी क्षेत्र स्थित पापड़पानी में शासकीय भूमि से कथित अवैध मिट्टी उत्खनन के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) हिमांशु जैन ने मंगलवार को ग्राम पंचायत मंगरिया के सचिव भगवानदास रघुवंशी को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले खनिज विभाग भी इस मामले में कार्रवाई करते हुए जेसीबी जब्त कर जुर्माना लगा चुका है। शोल्डर भरने मिट्टी डलवाई गई थी

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत मंगरिया के अंतर्गत मंगरिया मुख्य मार्ग से पापड़पानी गांव के अंतिम छोर तक करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क के शोल्डर भरने के लिए मिट्टी डलवाई गई थी। आरोप है कि यह मिट्टी बिना अनुमति शासकीय चरनोई भूमि से जेसीबी के जरिए निकाली गई। संबंधित भूमि पर वर्तमान में एक स्थानीय किसान खेती करता है, लेकिन उत्खनन के लिए किसी सक्षम प्राधिकारी से अनुमति नहीं ली गई थी। बताया जा रहा है कि जिस सड़क पर मिट्टी डाली गई, वह एक निर्माणाधीन निजी रिसॉर्ट की ओर जाती है। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने इसकी जांच कराई।

जेसीबी पर भी जुर्माना लगाया गया

तत्कालीन सोहागपुर एसडीएम प्रियंका भल्लावी ने 25 मई को नायब तहसीलदार, हल्का पटवारी और खनिज निरीक्षक की संयुक्त टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई। माप-जोख के दौरान करीब 43 मीटर लंबाई, 20 मीटर चौड़ाई और 0.5 मीटर गहराई तक कुल 430 घन मीटर मिट्टी का अवैध उत्खनन पाए जाने की बात सामने आई। जांच के दौरान जेसीबी मशीन को जब्त कर ग्राम पंचायत मंगरिया की अभिरक्षा में शासकीय गौशाला में रखा गया था। बाद में खनिज विभाग ने संबंधित प्रकरण में जेसीबी के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए 1.05 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। तत्कालीन एसडीएम ने जांच रिपोर्ट के आधार पर पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव जिला पंचायत को भेजा था। अब करीब डेढ़ महीने बाद जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने सचिव भगवानदास रघुवंशी को नोटिस जारी कर शासकीय पद के दुरुपयोग, शासन की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, कर्तव्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोपों पर सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।