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मोगा में छोटे प्लास्टिक लिफाफों पर रोक:सरकारी इमारतों पर पोस्टर चिपकाने पर भी पाबंदी, 31 दिसंबर तक लागू रहेंगे आदेश
मोगा जिले में 30 माइक्रोन से कम मोटाई और 8 बाई 12 आकार से छोटे प्लास्टिक लिफाफों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है। सार्वजनिक संपत्तियों और सरकारी इमारतों पर पोस्टर, तस्वीरें और हाथ से लिखे संदेश चिपकाने पर भी रोक है। डीसी सागर सेतिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए ये आदेश जारी किए। प्लास्टिक लिफाफों पर रोक पंजाब प्लास्टिक एवं कैरी बैग्स (मैन्युफैक्चरिंग, यूजेज एंड डिस्पोजल) कंट्रोल एक्ट-2005 के तहत लगाई गई है। खुले स्थानों पर प्लास्टिक कचरा हो रहा जमा सागर सेतिया ने बताया कि जिले में प्लास्टिक लिफाफों का खुलेआम इस्तेमाल हो रहा है। एक बार इस्तेमाल करके फेंकी जाने वाली प्लास्टिक पैकिंग सामग्री और उपभोक्ता वस्तुओं के लिए लिफाफों की खपत बढ़ रही है। इससे डंपिंग स्थलों और खुले स्थानों पर प्लास्टिक कचरा जमा हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक लिफाफे नालियों और खुले नालों में रुकावट डालते हैं। प्लास्टिक में मौजूद रंग और विषैले तत्व बीमारियों का कारण बन सकते हैं। यह आसानी से नष्ट नहीं होता, इसलिए इसका असर लंबे समय तक रहता है। प्लास्टिक लिफाफों के अवशेष खा लेते हैं पशु पशु प्लास्टिक लिफाफों के अवशेष खा लेते हैं, जिससे उन्हें गंभीर समस्याएं हो सकती हैं और उनकी मौत भी हो सकती है। आदेश में कहा गया है कि प्लास्टिक लिफाफों पर रोक जनहित में जरूरी है। मोगा जिले की सभी सार्वजनिक संपत्तियों और सरकारी इमारतों या स्थानों पर किसी भी तरह के पोस्टर, तस्वीरें, हाथ से लिखे संदेश या अन्य कागजात चिपकाने पर भी रोक लगाई गई है। 31 दिसंबर तक लागू रहेंगे आदेश उन्होंने बताया कि आम जनता द्वारा सार्वजनिक संपत्तियों एवं सरकारी इमारतों पर विज्ञापन के उद्देश्य से हाथ से लिखकर या पोस्टर, तस्वीरें और अन्य प्रकार के कागजात चिपका दिए जाते हैं। जिससे इन इमारतों की सुंदरता नष्ट होती है और वे बदसूरत दिखाई देने लगती हैं। यह जनहित के विरुद्ध है। उक्त दोनों आदेश 31 दिसंबर, 2026 तक लागू रहेंगे।