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शाम 6 से सुबह 10 बजे तक धान कटाई नहीं:मोगा डीसी ने दिया आदेश- रीपर से पराली काटने पर भी पाबंदी, 14 नवंबर तक लागू
मोगा डीसी सागर सेतिया ने जिले में शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक कंबाइन से धान की कटाई पर रोक लगा दी है। उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश जारी किया है। सेतिया ने बताया कि सुबह 10 बजे से पहले धान की फसल पर ज्यादा ओस होती है, जिससे फसल में नमी बढ़ जाती है। इससे धान के दानों की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। इसी तरह शाम 6 बजे के बाद भी ओस पड़ने लगती है, जिससे देर शाम या रात में कटाई करने से धान में नमी बढ़ सकती है। ज्यादा नमी वाला धान मंडियों में तय मानकों पर खरा नहीं उतरता, जिससे उसकी खरीद में दिक्कत आ सकती है। ये दोनों आदेश 14 नवंबर 2026 तक लागू रहेंगे। जिला मजिस्ट्रेट ने पंजाब सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों को देखते हुए धान की पराली पर रीपर चलाने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है। हालांकि, जो किसान धान की पराली की गांठे बनवाकर उसका सही तरीके से निपटारा करते हैं, उन्हें इस रोक से छूट मिलेगी। सड़क हादसों की आशंका में लिया निर्णय सेतिया ने कहा कि धान की कटाई के तुरंत बाद रीपर से पराली काटकर उसे आग लगाने से भारी मात्रा में धुआं और वायु प्रदूषण होता है। इस धुएं से सड़क हादसों का खतरा बढ़ता है और लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। पराली जलाने से जमीन की उपजाऊ शक्ति को भी नुकसान होता है। साथ ही, आग के कारण आसपास के खेतों में खड़ी फसलें और पेड़ों को भी नुकसान हो सकता है।