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सुखबीर बादल बोले- अपराधियों को संरक्षण दे रही मान सरकार:मोगा पंजाब बचाओ रैली; बोले- गुगल पे की तर्ज पर चल रहा गुरप्रीत पे
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर जोरदार निशाना साधा है। निहाल सिंह वाला की अनाज मंडी में शिअद के 'पंजाब बचाओ' अभियान के तहत आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और गंभीर अपराधों के आरोपियों को कथित तौर पर सरकारी संरक्षण दिया जा रहा है मान सरकार को 'दलित विरोधी' करार देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में एससी छात्रवृत्ति, आटा-दाल योजना, शगुन योजना और वृद्धावस्था पेंशन जैसी कल्याणकारी योजनाओं को सही ढंग से लागू नहीं किया जा रहा है।
कानून-व्यवस्था और दलित विरोधी नीतियों पर घेरा अकाली दल प्रमुख ने आरोप लगाया कि राज्य में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताने वाले लोगों की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने मोहनजीत सिंह, शेरों गांव और गुलजार सिंह से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। होशियारपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा से कथित छेड़छाड़ की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने में पुलिस विफल रही है। मान सरकार को 'दलित विरोधी' करार देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में एससी छात्रवृत्ति (SC Scholarship), आटा-दाल योजना, शगुन योजना और वृद्धावस्था पेंशन जैसी कल्याणकारी योजनाओं को सही ढंग से लागू नहीं किया जा रहा है। विज्ञापनों और बिजली संकट पर उठाए सवाल सुखबीर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर वीआईपी संस्कृति को खत्म करने के चुनावी वादों से मुकरने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने विज्ञापनों और आत्म-प्रचार पर लगभग 6,000 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं, जबकि धरातल पर बिजली की भारी किल्लत के कारण किसान, घरेलू उपभोक्ता और उद्योगपति बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता अब चुनाव आचार संहिता लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रही है ताकि इस सरकार को जवाब दिया जा सके।
'जी-पे' की तर्ज पर 'गुरप्रीत-पे' का आरोप अपने संबोधन के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने डिजिटल ट्रांसफर 'जी-पे' का जिक्र करते हुए 'आप' सरकार पर कटाक्ष किया और 'गुरप्रीत-पे' शब्द का प्रयोग किया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि पंजाब में संगीन अपराधों के मामलों में आरोपियों को 'क्लीन चिट' दिलाने के लिए इस तरह के अनुचित प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री आवास से अपराधियों को राहत और शह मिल रही है। हालांकि, इन तीखे आरोपों पर अभी तक सरकार या संबंधित पक्ष की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।