Wednesday, 4 November 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · पंजाब

जालंधर में सरकार के खिलाफ कर्मचारियों का फूटा गुस्सा:बकाया DA और पेंशन पर 5-6 को हड़ताल का बड़ा ऐलान

INT News4 November 2026 at 01:43 pm

पंजाब सरकार और सरकारी कर्मचारियों के बीच बकाया महंगाई भत्ते (DA), पे-कमिशन के बकाये और पुरानी पेंशन योजना (OPS) जैसी मांगों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जालंधर में ृमिनिस्ट्रियल सर्विसेज यूनियन (PSMSU) ने अपनी मांगों को लेकर राज्यभर में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंजाब सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने आज राज्यभर में पुतले फूंककर विरोध दर्ज कराया। इसके साथ ही यूनियन ने 5 और 6 नवंबर को पूरी तरह से 'कलम छोड़' और 'कंप्यूटर बंद' हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे आम जनता को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। पुतले फूंककर दर्ज कराया विरोध

पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विसेज यूनियन के बैनर तले विभिन्न क्लेरिकल विभागों के कर्मचारियों ने एकजुट होकर पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री के पुतले फूंके। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार पिछले पौने पांच सालों से सिर्फ खोखले आश्वासन दे रही है। 18 नवंबर 2022 को पुरानी पेंशन का जो नोटिफिकेशन जारी किया गया था, उसे लागू हुए 4 साल पूरे होने वाले हैं, लेकिन अभी तक कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिला है। इसके अलावा 17-7-20 और 15-1-15 के पत्रों को रद्द नहीं किया गया और न ही कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया गया है।

अदालत का दरवाजा और डीए का मुद्दा

कर्मचारियों का 13 फीसदी महंगाई भत्ता (DA) और पे-कमिशन का बकाया सरकार की तरफ लंबित है। हाल ही में 3 नवंबर को अदालत में हुई सुनवाई के दौरान माननीय अदालत ने सरकार को सख्त निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि कर्मचारियों का डीए और पे-कमिशन का बकाया 10 दिनों के भीतर 6 फीसदी ब्याज के साथ एकमुश्त दिया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि वे सड़क से लेकर अदालत तक अपनी लड़ाई मजबूती से लड़ रहे हैं। 5 और 6 नवंबर को काम पूरी तरह रहेगा ठप

यूनियन ने घोषणा की है कि 5 और 6 नवंबर को पंजाब के सभी सरकारी विभागों में क्लेरिकल स्टाफ पूरी तरह काम बंद रखेगा। इस दौरान कंप्यूटर बंद रहेंगे और कोई भी दफ्तरी कामकाज नहीं किया जाएगा। कर्मचारी नेताओं ने आम जनता से अपील की है कि परेशानी से बचने के लिए वे इन दो दिनों में सरकारी दफ्तरों का रुख न करें। यदि सरकार के साथ कोई समझौता होता है, तभी हड़ताल वापस ली जाएगी। 2027 के चुनावों में भुगतना पड़ेगा अंजाम

कर्मचारी संघों ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों के हक का पैसा (DA और पे-कमिशन का बकाया) रोककर अन्य योजनाओं में बांट रही है ताकि वोट पक्के किए जा सकें। नेताओं का कहना है कि जनता या कर्मचारी अब किसी बहकावे में नहीं आने वाले। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते मांगें पूरी नहीं कीं, तो 2027 के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी को इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा।