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संभल में 4500 किलो रसगुल्लों का भंडार मिला, अब 20 हजार लीटर दूध का हिसाब तलाश रहा प्रशासन

UP News: संभल के हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के मंगनपुर गांव में बड़े पैमाने पर सफेद रसगुल्लों के उत्पादन का मामला प्रशासन की जांच में है. छापेमारी के दौरान ग्राम प्रधान के घर से करीब 4,500 किलो तैयार रसगुल्ले, छेना और अन्य सामग्री मिलने की जानकारी सामने आई. कार्रवाई के बाद अधिकारियों ने केवल मिठाई की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि इसके लिए इस्तेमाल हुए कच्चे माल के स्रोतों की भी प्रारंभिक स्तर पर पड़ताल शुरू कर दी है.
20 हजार लीटर दूध के स्रोत पर प्रशासन के सवाल
जांच का सबसे अहम सवाल इतनी बड़ी मात्रा में रसगुल्ले तैयार करने के लिए दूध की उपलब्धता को लेकर है. सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार के अनुसार, 4,500 किलो रसगुल्ले बनाने में अनुमानतः कम से कम 20 हजार लीटर दूध लगा होगा. अधिकारियों ने फैक्ट्री संचालक से दूध खरीद के बिल, विक्रेताओं की जानकारी और आपूर्ति के स्रोत पूछे, लेकिन प्रशासन का कहना है कि पूछताछ में इस संबंध में स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका.
मेरठ लैब में जांच के लिए भेजे गए सैंपल
प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम ने मौके से तैयार रसगुल्ले, छेना तथा अन्य इस्तेमाल की जा रही सामग्री के नमूने लिए हैं. इन्हें जांच के लिए विशेष माध्यम से मेरठ स्थित प्रयोगशाला भेजा जा रहा है. रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि रसगुल्ले और उनमें प्रयुक्त सामग्री खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती है या नहीं. जांच परिणाम आने के बाद ही जब्त माल और संबंधित कारोबार के खिलाफ आगे की कानूनी तथा प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी.
उत्पादन और सप्लाई नेटवर्क की भी होगी पड़ताल
अधिकारियों के मुताबिक, मंगनपुर गांव के कई घरों में बड़े स्तर पर सफेद रसगुल्ले बनाए जाने की शिकायतें पहले से मिल रही थीं. इनकी आपूर्ति पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों तक होने की सूचना के बाद सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में खाद्य विभाग ने कार्रवाई की. मौके पर मिले माल की मात्रा ने जांच को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि अब उत्पादन क्षमता, कच्चे माल की खरीद और वितरण नेटवर्क के दस्तावेज भी जांचे जाएंगे.
लाइसेंस और जीएसटी नंबर होने का दावा
ग्राम प्रधान के पति अबरार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि रसगुल्ले बनाने का काम उनका बेटा करता है और कारोबार के लिए लाइसेंस तथा जीएसटी नंबर मौजूद है. उनका दावा है कि मिठाई दूध, चीनी और पाउडर से तैयार की जाती है तथा पहले लिए गए नमूने जांच में सही पाए गए थे. उन्होंने कहा कि इस बार भी सैंपल भेजे गए हैं और प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने पर वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी.
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