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लीवर जांच में बालाघाट ने मारी बाजी:8 लाख लोगों की जांच कर प्रदेश में चमका जिला; CM ने भोपाल में दिया अवार्ड
प्रदेश सरकार के 'स्वस्थ लीवर मिशन' को जमीन पर उतारने में बालाघाट जिले ने पूरे प्रदेश में बाजी मारी है। इस कामयाबी के लिए भोपाल के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट की टीम को राज्य स्तरीय सम्मान से नवाजा। जिले की तरफ से डॉ. सौरभ उईके और सीएचओ डॉ. श्वेता मेश्राम ने मुख्यमंत्री के हाथों यह पुरस्कार लिया। घोर नक्सली इलाकों में बिना छुट्टी लिए डटे रहे डॉक्टर इस कामयाबी के पीछे जिले के स्वास्थ्य कर्मियों का कड़ा संघर्ष है। सम्मान पाने वाले डॉ. सौरभ उईके और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) डॉ. श्वेता मेश्राम ने जिले के घोर नक्सल प्रभावित और पिछड़े इलाकों में अपनी सेवाएं दीं। इन दोनों डॉक्टरों ने नक्सली खतरे और कठिन रास्तों के बावजूद बिना कोई छुट्टी लिए लगातार लोगों की जांच की। यह अवार्ड कलेक्टर मृणाल मीना और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. परेश उपलप की देखरेख में पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है। क्या है यह मिशन और कैसे हुई जांच? मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि इस मुहिम के तहत 30 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लीवर की जांच की जाती है। इसका मकसद लोगों को लीवर की बीमारियों से बचाना और अच्छी लाइफस्टाइल के लिए जागरूक करना है। कैंपों में संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनका नाम दर्ज किया जाता है। इसके बाद उनके वजन, लंबाई और प्लेटलेट काउंट को देखकर बीमारी के खतरे का अंदाजा लगाया जाता है और समय पर मुफ्त इलाज शुरू किया जाता है। जिले में करीब 8 लाख लोगों का हुआ चेकअप इस अभियान के तहत बालाघाट जिले में रिकॉर्ड 7 लाख 99 हजार 707 लोगों का लीवर चेकअप किया गया। जानिए आपके इलाके में कितनी हुई जांच: बालाघाट (शहरी और ग्रामीण): 1,28,457 कटंगी: 90,405 लांजी: 87,686 वारासिवनी: 83,205 किरनापुर: 81,867 बिरसा: 78,197 लालबर्रा: 74,637 खैरलांजी: 72,587 बैहर: 53,553 परसवाड़ा: 49,113