Saturday, 4 July 2026
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बड़वानी में सीवर चैंबर उफनाए, सड़कों पर फैली गंदगी:सीवरेज प्रोजेक्ट पर सवाल, पार्षद ने 7.5 करोड़ की योजना का स्टेटस मांगा

INT News4 July 2026 at 12:51 pm

बड़वानी जिला मुख्यालय पर चल रहा सीवरेज प्रोजेक्ट शहरवासियों के लिए समस्या बन गया है। हल्की बारिश में ही श्री राम चौक सहित मुख्य मार्गों पर सीवर चैंबर ओवरफ्लो हो रहे हैं, जिससे सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं। वार्ड क्रमांक 2 के पार्षद ईश्वर यादव ने इस स्थिति को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पार्षद यादव के अनुसार, श्री राम चौक पर भारी वाहनों के बीच सीवर चैंबर से पानी बाहर आ रहा है। उनके वार्ड में पाला बाजार, सुतार मोहल्ला और दर्जी मोहल्ला जैसे प्रमुख स्थानों पर पानी भर जाने से जनजीवन प्रभावित हुआ। कारंजा-चौपाटी क्षेत्र में भी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति देखी गई। पार्षद यादव ने SDRF/SDMF फंड से बनी 7.5 करोड़ रुपये की नाला योजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु से पहले नालों के उचित प्रबंधन की जानकारी सार्वजनिक रूप से दी जानी चाहिए। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि निक्कू चौहान ने बताया कि शहर में 95 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है और परियोजना का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उनके अनुसार, पीएचई विभाग को 15 जून 2026 तक लाइन टेस्टिंग पूरी करनी थी। 9 करोड़ रुपये के कुल बजट में से 3 करोड़ रुपये जारी होने के बाद काम में तेजी आई है। पीएचई विभाग का दावा है कि वे 90 प्रतिशत टेस्टिंग पूरी कर लेंगे। हालांकि, हाल ही में हुई बारिश ने बड़वानी नगर पालिका की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ देर की बारिश में ही पाला बाजार और कारगिल चौराहे पर नालों का पानी सड़कों पर भर गया, जिससे यातायात बाधित हुआ और लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। स्थानीय निवासी मुकेश शर्मा ने बताया कि हर साल बरसात में ऐसे ही हालात बनते हैं, खासकर कालका माता मंदिर क्षेत्र में जलभराव से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। निवासियों का आरोप है कि नालों की समय पर सफाई और गहरीकरण न होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर फैल जाता है। बारिश ने जहां किसानों के लिए उम्मीद की नई किरण जगाई है, वहीं शहर में जल निकासी की व्यवस्था को लेकर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग बरसात के इस मौसम में लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।

पर ग्राउंड रिपोर्ट उलट है। खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने भी हाल में सीवरेज 1, 2 और 3 का निरीक्षण कर गुणवत्ता सुधारने के सख्त निर्देश दिए थे। उन्होंने माना कि सड़कें खोदकर अधूरी छोड़ने और धूल से जनता परेशान है।

पार्षद ने बताया कि भोपाल से आए एक्सपर्ट ने माना था कि सड़कों के किनारे प्रॉपर जलनिकासी न होने से डामर-सीमेंट सड़कें गड्ढों में तब्दील हो रही हैं। अब नप ने 5 साल का ड्रेनेज सिस्टम प्लान बनाया है जिसमें 2030 तक सड़क किनारे डक्ट का प्रावधान रहेगा।

नपा इंजीनियर के अनुसार पुरानी लाइनों के लीकेज को तत्काल सुधारा जा रहा है। पर पार्षद का सवाल है कि जब तक पीएचई हैंडओवर नहीं करता, तब तक ओवरफ्लो का जिम्मेदार कौन? MPB जैसे विभाग में लिफ्ट और कर्मचारियों का अभाव भी बड़वानी की बुनियादी परेशानी है। नगर पालिका की "मूल हड्डी" स्वच्छता है। कर्मचारी सालों से निभा रहे हैं, पर संसाधन मुहैया कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि बारिश से पहले बड़वानी की नालियां साफ होती हैं या शहर फिर डूबता है।