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पंजाब-चंडीगढ़ अपडेट्स:पीएम मोदी के लिए लगेगा ₹2 करोड़ का टेंट; जालंधर में एक्टिवा लिए खरीदा ₹8.52 लाख का नंबर
पीएम नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को प्रस्तावित चंडीगढ़ दौरे को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में होना है। इसके लिए प्रशासन के अलग-अलग इंजीनियरिंग विभागों ने एक ही दिन में 8 अलग-अलग टेंडर जारी किए। इनमें सबसे बड़ा टेंडर करीब 2.02 करोड़ रुपए का है, जो सिर्फ टेंट और कार्यक्रम स्थल पर अस्थायी इंतजाम करने के लिए निकाला गया है। इसके अलावा लाइटिंग, बिजली, कैमरे और दूसरी व्यवस्थाओं के लिए भी अलग-अलग टेंडर जारी किए गए हैं। सबसे बड़े टेंट के तहत कार्यक्रम स्थल पर करीब 6000 वर्ग मीटर का वाटरप्रूफ जर्मन हैंगर लगाया जाएगा। बारिश को ध्यान में रखते हुए इसे तैयार किया जा रहा है, ताकि खराब मौसम की स्थिति में भी कार्यक्रम बिना रुकावट के हो सके। पूरे पंडाल को ढकने के लिए 600 टन क्षमता का एयर कंडीशनिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा। कार्यक्रम में आने वाले वीआईपी और प्रधानमंत्री के लिए एसी, वीआईपी लाउंज, बैठक की व्यवस्था, कारपेट, फर्नीचर, बैरिकेडिंग आदि भी की जाएगी। 2200 सोफे, 300 कुर्सियां, 70 हजार वर्ग फीट कारपेट, 65 हजार वर्ग फीट बैरिकेडिंग, 20 वाटर कूलर और 24 पोर्टेबल टॉयलेट लगाए जाएंगे। जालंधर में एक्टिवा लिए खरीदा 8.52 लाख रुपए का नंबर जालंधर में फैंसी नंबरों का क्रेज किसी से छिपा नहीं है। रीजनल परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की ओर से आयोजित ऑनलाइन ई-ऑक्शन में इस बार PB 08 GA सीरीज के 0001 नंबर के लिए सबसे अधिक 8 लाख 52 हजार 500 रुपए की बोली लगी। यह नंबर किसी लग्जरी कार नहीं, बल्कि एक्टिवा के लिए खरीदा गया है। अभी एक्टिवा का ऑन रोड प्राइस करीब 1.10 लाख रुपए है। यानी बोली लगी रकम से करीब 8 एक्टिवा खरीदी जा सकती थीं। वहीं, ई-ऑक्शन में 0007 नंबर 3 लाख 11 हजार रुपए, 0005 नंबर 2 लाख 83 हजार रुपए, 0008 नंबर 2.50 लाख रुपए, जबकि 0002, 0003, 0006 और 0009 नंबर 2-2 लाख रुपए में बिके। पिछले महीनों से लगातार 000 सीरीज के नंबर लाखों रुपए में बिक रहे हैं। हालांकि ऑक्शन में 8 लाख रुपए से ज्यादा कीमत में भी नंबर बिके हैं, लेकिन पिछले महीनों के मुकाबले यह ऑक्शन सबसे बेहतर रहा। इससे पहले PB 08 FZ सीरीज का 0001 नंबर 8 लाख 61 हजार रुपए में नीलाम हुआ था। मौजूदा सीरीज का 0001 नंबर उससे महज 8,500 रुपए कम कीमत पर बिका। आरटीओ अधिकारियों के अनुसार, इच्छुक वाहन मालिक पोर्टल पर बोली लगाते हैं। सबसे अधिक बोली लगाने वाले को संबंधित नंबर आवंटित किया जाता है।