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जुड़वा बच्चों को मारने वाली मां को दोहरा आजीवन कारावास:पिता को भी 3 साल की सजा, गुस्से में आकर पानी की टंकी में डूबाकर मारा; कब्र से निकाले थे शव
रतलाम में करीब डेढ़ साल पहले पानी की टंकी अपने दो बच्चों को डूबाकर मारने वाली मां को कोर्ट ने दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही साक्ष्य छिपाने में पिता को भी दोषी मानते हुए 3 साल के कारावास की सजा दी है। मां की इस हरकत पर पिता ने पुलिस को जानकारी नहीं देते हुए बच्चों के शवों को दफना दिया था। तब पुलिस ने कब्र से बच्चों के शवों को निकालकर पीएम कराया था। फैसला अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने सुनाया। अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने बताया की 20 नवंबर 2024 को इरशाद कुरैशी निवासी मदीना मस्जिद के पीछे वेद व्यास कालोनी रतलाम द्वारा पुलिस थाना माणकचौक को सूचना दी। बताया कि उसके मकान की ऊपरी मंजिल पर आमिर कुरैशी और उसकी पत्नी पम्मी उर्फ मुस्कान बच्चों के साथ किराए पर रहते है। उसे दोपहर करीब 2.30 बजे उसके सामने रहने वाले पड़ोसी साबिर ने बताया कि पम्मी उर्फ मुस्कान उसके बच्चे हसन और फातिमा के साथ घर के अंदर थी। तभी पम्मी की आवाज आई कि उसके बच्चे हसन और फातिमा पानी के ड्रम में गिर गए है। मौके पर आसपास रहने वालों ने जाकर देखा। दोनों जुड़वा बच्चे पानी की सिंटेक्स टंकी में पड़े थे। उस समय घर पर पति नहीं था। उसे जानकारी दी। वह अपने दोस्त बिलाल के साथ पहुंचा। 4 माह के दोनों जुड़वा बच्चों को टंकी मे निकाला। जब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। पुलिस को जानकारी दिए बगैर दफनाया पिता आमिर अपने दोस्त बिलाल के साथ पुलिस को जानकारी दिए बगैर दोनों बच्चों के शवों को लेकर कुरैशी मंडी शेरानीपूरा ले जाकर दफना दिया। बाद में पुलिस को जानकारी मिली। पुलिस ने अप्राकृतिक मृत्यु का केस दर्ज कर मामला जांच में लिया। घटना के अगले दिन पुलिस ने शवों को कब्र से निकलवाए। पीएम कराया। जिसमें दोनों बच्चों की मौत पानी में डूबने से होना सामने आया। तब पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी। एसपी अमित कुमार ने बच्चों के टंकी में गिरने का रिक्रियशन कराया। टंकी में बेबी डॉल (बच्चों के खेलने की गुड़िया) गिराकर पिता के सामने घटना का रिक्रियट किया। जांच में सामने आया कि मां ने ही बच्चों को गुस्से में आकर पानी की टंकी में डूबा कर मार दिया। पति को जाने से रोका था गुस्से में बच्चों को मारा जांच के दौरान साक्ष्यों एवं मां वल पिता से कड़ी पूछताछ की। सामने आया कि मां मुस्कान अपने पति और दो जुड़वा बच्चों और एक लड़की अक्सा के साथ ससुराल से अलग मदीना मस्जिद के पीछे वेद व्यास कालोनी में निवास करती थी। 19 नवंबर को पति के रिश्तेदारी में गमी हो जाने से उसकी सास भी घर पर आई थी। जब पति आमिर और सास गमी में जाने लगे तो मुस्कान ने पति आमिर से कहा कि तुम मत जाओ और यही रुक जाओ। मैं दोनों जुड़वा बच्चों को अकेली नहीं संभाल पाउंगी। तब पति आमिर और उसकी सास ने मुस्कान की बात नहीं सुनी। इससे मुस्कान बहुत चिढ़ गई और उसने सोचा कि दोनों बच्चों को खत्म कर देती हूं। मुस्कान का एक बच्चा जमीन पर खेल रहा था व दूसरा झूले में था। तब मां मुस्कान ने एक बच्चे को पानी की सिंटेक्स की टंकी में डुबोया और उसके बाद दूसरे बच्चे को भी डुबोकर मार दिया। इसके बाद मुस्कान ने आमिर को मोबाइल से बताया कि दोनों बच्चे मिल नहीं रहे है। 16 साक्षी पक्षविरोधी हुए अभियोजन की और से लगभग 24 साक्षियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। उसमे से लगभग 16 साक्षी पक्षविरोधी (hostile) हो गए थे। अभियोजन द्वारा आरोपियों द्वारा किए गए अपराध को परिस्थिजन्य साक्ष्य के आधार पर दोषी साबित किया। मां मुस्कान को दोहरे आजीवन कारावास के साथ 10 हजार रुपए व पिता आमिर को 3-3 वर्ष का कारावास और 2 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन की और से पैरवी शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह चौहान द्वारा की गई।