Saturday, 1 August 2026
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बुजुर्ग की हत्या के तीन आरोपियों को उम्रकैद:तंत्र मंत्र के शक में किया मर्डर; पहले गला घोंटा, फिर पेड़ से लटका दिया था शव

INT News1 August 2026 at 07:43 am

गुना जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र में तंत्र-मंत्र के शक में एक 55 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने वाले चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र की अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला 8 अक्टूबर 2025 का है, जब फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बलखण्डी के एक खेत की मेड़ पर बहेड़ा के पेड़ से एक व्यक्ति का शव लटका मिला था। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस जांच में यह हत्या निकली। पेड़ पर लटका मिला था शव 8 अक्टूबर 2025 को पुलिस को सूचना मिली कि बलखण्डी गांव के खेत में एक व्यक्ति का शव पेड़ से लटका हुआ है। सूचना मिलते ही फतेहगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मृतक की पहचान 55 वर्षीय मान सिंह पिता जुवान सिंह भिलाला, निवासी ग्राम बरमन सोसायटी, थाना फतेहगढ़ के रूप में हुई। शव के निरीक्षण में पुलिस को सिर, आंख और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान मिले। इससे पुलिस को मामला संदिग्ध लगा और मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। पोस्टमार्टम ने खोला हत्या का राज पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि मान सिंह की मौत गला दबाने से हुई थी। रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी। जांच के दौरान घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए और मृतक के परिजनों समेत कई ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए। गवाहों ने तीन लोगों पर जताया शक गवाहों ने पुलिस को बताया कि घटना से पहले मृतक को गांव के ही ओजम भिलाला, अमर सिंह भिलाला और मुकेश भिलाला के साथ देखा गया था। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि तीनों आरोपी मान सिंह पर तंत्र-मंत्र करने का आरोप लगाते थे। परिजनों के अनुसार आरोपी पहले भी मृतक से विवाद कर चुके थे और उसे गांव छोड़ने की धमकी देते थे। तकनीकी साक्ष्यों से मजबूत हुई जांच पुलिस ने केवल मौखिक बयानों पर ही भरोसा नहीं किया, बल्कि तकनीकी जांच भी की। मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से यह सामने आया कि घटना से पहले मृतक और तीनों आरोपियों के बीच लगातार संपर्क हुआ था। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को नामजद किया। 20 घंटे में गिरफ्तार हुए आरोपी फतेहगढ़ थाना पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए घटना के करीब 20 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कबूला जुर्म पुलिस पूछताछ में तीनों आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि उन्हें विश्वास था कि मान सिंह तंत्र-मंत्र करता है, जिसके कारण उनके परिवार के लोग अक्सर बीमार रहते थे। आरोपियों के अनुसार उन्होंने कई बार मान सिंह से तंत्र-मंत्र छोड़ने और गांव छोड़कर जाने को कहा था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इसके बाद तीनों ने उसकी हत्या की योजना बनाई। बाइक पर बैठाकर ले गए, फिर गला दबाकर मार डाला आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 7 अक्टूबर को उन्होंने मान सिंह को फोन कर उसकी लोकेशन पूछी। वह उस समय सिरसौद में था। तीनों वहां पहुंचे और उसे घर छोड़ने का बहाना बनाकर बाइक पर बैठा लिया। बलखण्डी गांव के पास पहुंचने पर उन्होंने चलते वाहन पर ही तौलिया उसके गले में डालकर खींच दिया। इससे वह बाइक से नीचे गिर गया और उसके सिर में गंभीर चोट लगी। इसके बाद आरोपी उसे सड़क से खेत के अंदर ले गए और तौलिया से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को पेड़ पर लटका दिया ताकि मामला आत्महत्या का लगे और पुलिस को गुमराह किया जा सके। कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्य प्रस्तुत किए। सभी साक्ष्यों के आधार पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र ने तीनों आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया। मामले में शासन की ओर से लोक अभियोजक अलंकार वशिष्ठ ने प्रभावी पैरवी की।