समाचार · मध्य प्रदेश
बैतूल में फिर सक्रिय हुआ मानसून:17 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट, 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
बैतूल जिले में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। रविवार सुबह से कई क्षेत्रों में रुक-रुककर फुहारें पड़ रही हैं और आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने 17 अगस्त को भारी बारिश, गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। 18 अगस्त को भी जिले में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। 24 घंटे में 17.4 मिमी बारिश जिला भू-संसाधन विभाग के 16 अगस्त सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, बैतूल वर्षामापी केंद्र पर पिछले 24 घंटे में 17.4 मिमी यानी 0.69 इंच बारिश दर्ज की गई। इस मानसून सीजन में बैतूल केंद्र पर अब तक कुल 442.4 मिमी यानी 17.42 इंच बारिश हो चुकी है। जिले के सभी वर्षामापी केंद्रों की औसत प्रगतिशील बारिश 542.6 मिमी यानी 21.36 इंच दर्ज की गई है। पिछले साल से 1.16 इंच कम बारिश पिछले वर्ष इसी अवधि में जिले की औसत बारिश 572 मिमी यानी 22.52 इंच थी। इस साल अब तक यह आंकड़ा करीब 1.16 इंच कम है। जिले की सामान्य औसत वर्षा 1083.9 मिमी यानी 42.67 इंच है। इस लिहाज से इस वर्ष अब तक जिले में सामान्य औसत से कम बारिश हुई है। चिचोली में सबसे ज्यादा बारिश बारिश के आंकड़ों में चिचोली 731.9 मिमी यानी 28.82 इंच बारिश के साथ सबसे आगे है। इसके बाद भीमपुर में 695.2 मिमी यानी 27.37 इंच और घोड़ाडोंगरी में 678.4 मिमी यानी 26.71 इंच बारिश दर्ज की गई है। वहीं आठनेर में सबसे कम 336.4 मिमी यानी 13.24 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। 30 जुलाई को हुई थी सीजन की सबसे ज्यादा बारिश बैतूल में जुलाई के अंतिम सप्ताह में भी मानसून ने जोरदार सक्रियता दिखाई थी। 30 जुलाई को 93.4 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। यह इस सीजन में एक रात में हुई जिले की सबसे अधिक बारिश थी।अगस्त की शुरुआत में बारिश की गतिविधियां कुछ कमजोर हुई थीं। अब मौसम तंत्र के दोबारा सक्रिय होने से बारिश का दौर फिर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। अगले पांच दिन ऐसा रहेगा मौसम बारिश का आंकड़ा बैतूल केंद्र: 442.4 मिमी | 17.42 इंच
जिले की औसत: 542.6 मिमी | 21.36 इंच
पिछला वर्ष: 572 मिमी | 22.52 इंच
सामान्य औसत: 1083.9 मिमी | 42.67 इंच आगे की स्थिति फिलहाल रविवार सुबह से हो रही रुक-रुककर बारिश से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। अब 17 अगस्त को होने वाली बारिश पर नजर है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक यदि बारिश का जोर बढ़ता है तो जिले की औसत प्रगतिशील बारिश का आंकड़ा भी बढ़ सकता है।