Sunday, 25 October 2026
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ब्रेन मलेरिया और जापानी बुखार से छह वर्षीय सबर बच्ची की मौत, एमजीएम में पांच गंभीर मरीज भर्ती

INT News25 October 2026 at 12:29 pm

जमशेदपुर: जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में ब्रेन मलेरिया और जापानी इंसेफेलाइटिस के दोहरे संक्रमण से छह वर्षीय सबर बच्ची की मौत हो गयी. बोड़ाम के मोहनपुर निवासी सुनील सबर की बेटी शकुंतला सबर ने शुक्रवार दोपहर इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. बच्ची की हालत गंभीर होने के कारण उसे अस्पताल की पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआइसीयू) में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों के अनुसार, दोनों संक्रमणों के कारण उसके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था. मल्टी ऑर्गन फेल्योर के कारण उसकी जान नहीं बचायी जा सकी.

परिजनों के अनुसार, बच्ची पिछले एक सप्ताह से तेज बुखार, सिरदर्द और लगातार उल्टी से परेशान थी. स्थिति बिगड़ने पर परिजन उसे अचेत अवस्था में एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे. अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए वेंटिलेटर पर रखा और जरूरी जांच करायी. जांच में ब्रेन मलेरिया और जापानी इंसेफेलाइटिस के संक्रमण की आशंका सामने आने के बाद दोनों के इलाज के लिए दवाएं दी जा रही थीं.

शिशु रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम लगातार बच्ची की स्थिति पर नजर रख रही थी. हालांकि, संक्रमण बढ़ने और शरीर के कई अंगों के काम करना बंद कर देने के कारण उसकी मौत हो गयी.

एमजीएम की पीआइसीयू में मलेरिया के पांच गंभीर मरीज भर्ती

शहर और आसपास के इलाकों में मौसमी बीमारियों का प्रकोप जारी है. एमजीएम अस्पताल के शिशु रोग विभाग की पीआइसीयू में फिलहाल मलेरिया से पीड़ित पांच गंभीर मरीज भर्ती हैं. विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में सभी का इलाज चल रहा है. इनमें से एक मरीज की हालत बेहद नाजुक बतायी जा रही है. उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है.

डॉक्टरों के अनुसार, इस मरीज के शरीर में संक्रमण का स्तर काफी बढ़ गया है. उसके वाइटल पैरामीटर्स में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है. चिकित्सकों की टीम जीवनरक्षक दवाओं और वेंटिलेटर की मदद से उसकी स्थिति स्थिर करने का प्रयास कर रही है.

झारखंड में 9,688 है सबर जनजाति की आबादी

सबर झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में रहने वाला एक आदिवासी समुदाय है. झारखंड में इसे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) यानी आदिम जनजाति की श्रेणी में रखा गया है. पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका, घाटशिला और मुसाबनी के पहाड़ी व वन क्षेत्रों में भी इस समुदाय के लोग रहते हैं.

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, झारखंड में सबर जनजाति की आबादी 9,688 थी. यह राज्य की जनजातीय आबादी का बेहद छोटा हिस्सा है. जुलाई 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम जिले में सबर परिवारों की संख्या घटकर 13 रह जाने की बात कही गयी थी. समुदाय की कम आबादी और इसके सामने मौजूद चुनौतियां चिंता का विषय हैं.