Sunday, 25 October 2026
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इंदौर में जमीन धोखाधड़ी के 2 मामलों पर FIR:ब्रोकर ने प्लॉट बेचकर खुद रख लिए 43.53 लाख, फर्जी दस्तावेजों से दूसरे प्लॉट को बेचने की कोशिश

INT News25 October 2026 at 01:35 pm

इंदौर में रविवार को जमीन धोखाधड़ी से जुड़े दो मामले सामने आए हैं। क्राइम ब्रांच ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज की है। इनमें अलग-अलग लोगों को आरोपी बनाया गया है। प्लॉट बेचने के नाम पर 43.53 लाख रुपए की धोखाधड़ी क्राइम ब्रांच ने पुणे (महाराष्ट्र) की रहने वाली तनुजा सिद्धेश्वर की शिकायत पर मोहित पुत्र अनिल पिपले, निवासी न्यू बिजलपुर, के खिलाफ 43 लाख 53 हजार रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। तनुजा ने संस्कृति पाम में प्लॉट नंबर 401 और 402 बेचने के लिए दिए थे। मोहित ब्रोकर का काम करता था। उसने प्लॉट लेकर किसी अन्य पार्टी को बेचने की बात कही थी। इन प्लॉटों का सौदा 73 लाख 20 हजार रुपए में तय हुआ था, जिसमें से 43 लाख 53 हजार रुपए देना बाकी था। मोहित ने पहले इन प्लॉटों की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। लेकिन मोहित ने यह राशि तनुजा को नहीं दी और लगातार टालमटोल करता रहा। बाद में उसने तनुजा का फोन उठाना भी बंद कर दिया। मोहित ने उक्त प्लॉटों का सौदा अन्य लोगों से करके उनकी रजिस्ट्री करवा दी और पूरी राशि खुद रख ली। पीड़िता की शिकायत पर जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने रविवार को आरोपी मोहित के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। फर्जी दस्तावेजों से प्लॉट बेचने की कोशिश एक अन्य मामले में क्राइम ब्रांच ने शाहिद उमर खां, निवासी रानीपुरा, की शिकायत पर जाकिर चौहान के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की है। शाहिद खां कांच के व्यापारी हैं। उन्होंने मयूर गृह निर्माण सहकारी संस्था का 900 वर्गफीट का एक प्लॉट एक डॉक्टर से खरीदा था। वर्ष 2024 में उन्हें पता चला कि जाकिर उक्त प्लॉट को अपना बताकर बेचने की कोशिश कर रहा है। जब शाहिद ने उससे बात की, तो जाकिर ने उन्हें धमकियां देना शुरू कर दिया। जाकिर ने दावा किया कि यह प्लॉट उसकी पत्नी शमा बी के नाम पर है, जिसे उसने सद्दाम पुत्र समसुद्दीन से खरीदा है। हालांकि, जांच में पता चला कि सद्दाम संस्था का सदस्य ही नहीं है। जिन दस्तावेजों के आधार पर उसने प्लॉट जाकिर को बेचना दिखाया था, उन पर संस्था के पदाधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर थे। इसके अलावा, सद्दाम ने जिस वकील के माध्यम से नोटरी कराई थी, उनकी भी मृत्यु हो चुकी थी। दूसरी नोटरी वर्ष 2021 की दिखाई गई थी। क्राइम ब्रांच ने मामले की विस्तृत जांच के बाद जाकिर सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया है।