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सुनीता मेरा पहला प्यार, घर तोड़ने वालों को जूता मारूंगा... अफेयर और तलाक की अफवाहों पर फूटा गोविंदा का गुस्सा

Govinda Sunita-Ahuja Divorce: गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता के रिश्ते को लेकर पिछले कुछ दिनों से खूब बातें चल रही हैं. सोशल मीडिया पर तो यहां तक कहा जा रहा था कि दोनों के बीच झगड़ा हो गया है, अफेयर के चक्कर में बात बिगड़ गई है और दोनों का तलाक होने वाला है. अब इन सारी उड़ती खबरों पर खुद गोविंदा सामने आए हैं और उन्होंने साफ-साफ बता दिया है कि आखिर सच क्या है.
'सुनीता मेरा पहला प्यार, प्यार में खेल नहीं होता'
गोविंदा ने ABP को दिए इंटरव्यू में कहा:
"सुनीता मेरा पहला प्यार हैं और प्यार में कोई खेल नहीं होता. जो लोग दूसरों का हंसता-खेलता घर तोड़ने की कोशिश करते हैं, उन्हें जूता मारना चाहिए."
उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि ऐसी झूठी अफवाहें फैलाने वालों पर किसी को भी तरस नहीं खाना चाहिए.
मंदिर जाने पर क्यों शुरू हुआ ये बखेड़ा?
दरअसल, यह पूरा मामला तब गरमाया जब गोविंदा अपनी आने वाली फिल्म 'रूपा' की को-स्टार कोमल रानी के साथ गणपति बप्पा के दर्शन करने पहुंचे थे. इसके बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें बनने लगीं और सुनीता की तरफ से भी बयान आया. इस पर गोविंदा ने सफाई देते हुए कहा कि इन बातों में रत्ती भर भी सच नहीं है. उन्होंने कभी किसी के साथ कोई अफेयर नहीं किया.
'हमारे यहां तलाक जैसा कोई शब्द नहीं'
जब गोविंदा से तलाक की खबरों और सुनीता को मनाने को लेकर पूछा गया, तो उन्होंने कहा:
"नहीं-नहीं, हम हिंदू आदमी हैं और हमारे यहां तलाक शब्द नहीं है. सभी व्यवस्थाएं हमारे अंदर हैं. मैं जैसा हूं वैसा हूं और मुझे ऐसा लगता है कि अगर आप अपनी जगह से हिलेंगे तो अपनी शक्ति पर स्वयं प्रश्न उठाएंगे."
उन्होंने आगे कहा कि जब किसी इंसान को बड़ा नाम और शोहरत मिलती है, तो बदनामी अपने आप उसके पीछे लग जाती है.
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सुनीता की आजादी पर बोले- मैंने कभी नहीं रोका
गोविंदा ने अपनी शादी के पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि सुनीता बहुत छोटी उम्र में स्कूल छोड़कर उनके घर आ गई थीं और उन्होंने सालों तक पूरा परिवार संभाला. गोविंदा ने कहा:
"जब मेरी मां गईं, तो सुनीता ने मुझसे कहा कि वे अब अपनी जिंदगी अपनी मर्जी से खुलकर जीना चाहती हैं और उन्हें आजादी चाहिए. मैंने कहा- ठीक है, आप जिएं. हर किसी के अंदर यह इच्छा होती है और उन्हें जीने देना भी चाहिए. उन्हें बाहर घूमना और तरह-तरह का खाना पसंद था, जो शायद हमारे घर के माहौल में मुमकिन नहीं था. इसलिए मैंने उन्हें कभी नहीं रोका."