Friday, 14 August 2026
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धुवाई तालाब में जा रहा था 4 वार्डों का सीवेज:NGT ने डायवर्सन करने और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शुरू करने के निर्देश दिए

INT News14 August 2026 at 06:52 pm

शिवपुरी जिले के नरवर स्थित धुवाई तालाब में बिना उपचारित घरेलू सीवेज पहुंचने के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की भोपाल पीठ ने सख्त निर्देश दिए हैं। NGT ने नरवर नगर परिषद को तालाब में सीवेज की एंट्री पूरी तरह रोकने और सीवेज डायवर्जन की समयबद्ध योजना लागू करने को कहा है। साथ ही 2 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। NGT की न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने 13 अगस्त को मामले की सुनवाई की। ये निर्देश मूल आवेदन क्रमांक 94/2025 (CZ) नवल किशोर भार्गव बनाम मध्यप्रदेश राज्य एवं अन्य और आईए क्रमांक 134/2025 पर दिए गए हैं। वार्ड 7, 8, 11 और 12 का सीवेज तालाब में पहुंच रहा था मामला नरवर के वार्ड नंबर 8 में लंबे समय से जमा बिना उपचारित घरेलू सीवेज से जुड़ा है। इससे जलभराव, भूजल प्रदूषण, जहरीली गैस बनने और मानव स्वास्थ्य पर खतरे की आशंका जताई गई थी। पूर्व में गठित संयुक्त समिति के निरीक्षण में सामने आया था कि वार्ड 7, 8, 11 और 12 का घरेलू सीवेज एक नाले के जरिए धुवाई तालाब में पहुंच रहा था। निरीक्षण के दौरान तालाब में बारिश के पानी और घरेलू सीवेज का मिश्रण भी मिला था। चार सदस्यीय समिति करेगी तकनीकी निगरानी NGT ने सीवेज डायवर्जन, STP निर्माण और तालाब के संरक्षण से जुड़े तकनीकी कामों की निगरानी के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई है। इसमें PWD, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वेटलैंड अथॉरिटी और वाटर वर्क्स विभाग के सिविल व तकनीकी इंजीनियर शामिल हैं। समिति को तकनीकी पहलुओं की जांच कर बहुमत के आधार पर जरूरी सुधार के उपाय तय करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें आर्द्रभूमि (Wetlands) संरक्षण और प्रबंधन नियम, 2017 का पालन करना जरूरी होगा। तालाब की सीमा तय कर पौधे लगाने के निर्देश NGT ने नगर परिषद और मुख्य नगर पालिका अधिकारी नरवर को तालाब के जलमग्न क्षेत्र का मुनारों के जरिए सीमांकन कराने के निर्देश दिए हैं। तालाब की सीमा के आसपास तीन महीने के भीतर स्थानीय प्रजातियों के लंबे समय तक रहने वाले और कई काम आने वाले पौधे लगाने को भी कहा गया है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आदेश के पालन की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि सीवेज रोकने या STP निर्माण के निर्देशों का पालन नहीं होता है, तो बोर्ड को जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है। NGT ने साफ किया कि आदेश का उद्देश्य तालाब के स्वामित्व, अधिकार, टाइटल या किसी व्यक्ति के हित का फैसला करना नहीं है। इसका उद्देश्य धुवाई तालाब को प्रदूषण से बचाना, उसकी पानी रोकने की क्षमता सुरक्षित रखना और बिना उपचारित सीवेज से मानव स्वास्थ्य व पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोकना है।