Tuesday, 7 July 2026
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कटनी में पुलिस की गश्त कागजों तक सीमित:रात में शहर की सड़कें सूनी; नागरिक बोले-सुरक्षा भगवान भरोसे

INT News7 July 2026 at 07:18 am

कटनी शहर के व्यापारिक और संवेदनशील इलाकों में लगातार हो रही चोरी और आपराधिक मारपीट की घटनाओं ने नागरिकों और व्यापारियों को चिंतित कर दिया है। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात की गई एक जमीनी पड़ताल में पुलिस के सुरक्षा दावों की पोल खुल गई। डिजिटल की पड़ताल में सामने आया कि जिन चौक-चौराहों पर सर्वाधिक मुस्तैदी की आवश्यकता है, वहां पुलिसकर्मी नदारद थे। रात 12 बजे से लेकर तड़के 01:14 बजे के बीच शहर के मुख्य केंद्रों का जायजा लेने पर स्थिति चौंकाने वाली पाई गई। एसबीआई तिराहा, कचहरी चौराहा और सुभाष चौक जैसे प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की उपस्थिति बिल्कुल नहीं थी। इसके अतिरिक्त, सराफा बाजार, झंडा बाजार और गोल बाजार जैसे शहर के व्यस्त और महंगे व्यावसायिक क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था शून्य दिखी। बरही रोड, रेलवे स्टेशन चौराहा, घंटाघर चौराहा, खेराहनी फाटक ब्रिज और दुबे कॉलोनी जैसे इलाकों में भी पुलिस का कोई अता-पता नहीं था। एकमात्र दुर्गा चौक पर एनकेजे थाने की एक गश्ती गाड़ी नजर आई, जिसमें केवल एक कांस्टेबल और एक निजी वाहन चालक मौजूद थे। यह उपस्थिति सुरक्षा के लिहाज से अपर्याप्त मानी गई। मजदूरी कर अपने गांव लौट रहे कुछ मजदूरों ने बताया कि उन्होंने शहर के तीन थानों का क्षेत्र पार किया, लेकिन कहीं भी पुलिस नहीं मिली, जिससे उनमें डर बना हुआ है। कटनी जिले में कानून व्यवस्था और रात्रि गश्त के नाम पर सरकार और विभाग द्वारा हर महीने लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। वाहनों के ईंधन, पुलिसकर्मियों के अतिरिक्त भत्ते और सुरक्षा उपकरणों पर भारी-भरकम खर्च दिखाया जाता है। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि ये तमाम सुरक्षा व्यवस्थाएं केवल कागजों और फाइलों तक ही सीमित हैं।