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कांग्रेस ने भीड़ जुटाने के लिए बनाया खास प्लान, नेताओं को दिए गए 100 समर्थक लाने के टारगेट!

Ramlila Maidan Rally: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली में जुटी भीड़ अचानक नहीं पहुंची थी. इसके लिए कांग्रेस ने कई दिन पहले से तैयारी शुरू कर दी थी. पार्टी की अलग-अलग राज्य इकाइयों को समर्थकों को दिल्ली लाने की जिम्मेदारी दी गई थी. बाहर से आने वाले कार्यकर्ताओं के ठहरने से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रिहर्सल तक की व्यवस्था की गई थी.
राज्य स्तर के नेताओं को 100 समर्थक लाने का लक्ष्य
तेलंगाना कांग्रेस के एक पदाधिकारी के मुताबिक, प्रदेश स्तर के नेताओं से कहा गया था कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से करीब 100 समर्थकों को दिल्ली लेकर आएं. इसके लिए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच लगातार संपर्क किया गया. दूसरे राज्यों से आने वाले समर्थकों के लिए ठहरने की व्यवस्था भी की गई थी.
वसंत कुंज के होटलों में ठहराए गए कार्यकर्ता
तेलंगाना से दिल्ली पहुंचे एक 55 वर्षीय कांग्रेस कार्यकर्ता ने बताया कि उनके राज्य से आए लोगों को वसंत कुंज के होटलों में ठहराया गया था. कुछ समर्थक ट्रेन से पहुंचे, जबकि कई लोग हवाई जहाज से दिल्ली आए. रैली से पहले अलग-अलग समूहों के पहुंचने और उनके ठहरने का इंतजाम किया गया था.
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छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गुजरात के कलाकारों ने दी प्रस्तुति
रैली की तैयारी केवल समर्थकों को दिल्ली लाने तक सीमित नहीं थी. कुछ राज्यों में पार्टी पदाधिकारियों ने पारंपरिक और जनजातीय संस्कृति को दिखाने के लिए कलाकारों के समूह भी तैयार किए थे. छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गुजरात के कलाकारों ने कार्यक्रम से पहले करीब एक सप्ताह तक अभ्यास किया. वे अपनी पारंपरिक वेशभूषा भी साथ लेकर दिल्ली पहुंचे थे.
महाराष्ट्र से करीब 500 महिला कार्यकर्ता पहुंचीं दिल्ली
रैली में महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया. महाराष्ट्र के चंद्रपुर शहर महिला कांग्रेस की अध्यक्ष चंदा वरगड़े के मुताबिक, उनके क्षेत्र से करीब 500 महिलाएं ट्रेन से दिल्ली पहुंचीं. यह समूह 30 अक्टूबर को ही राजधानी आ गया था. उन्होंने बताया कि महिलाओं को एकजुट कर रैली तक लाने के लिए करीब दो सप्ताह से तैयारी चल रही थी.
INDIA गठबंधन का शक्ति प्रदर्शन
रविवार को हुई मार्च और रैली को INDIA गठबंधन के बड़े शक्ति प्रदर्शनों में से एक बताया गया. विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहे हैं. उनका आरोप है कि निर्वाचन आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में अनियमितताएं हुई हैं. विपक्ष ने दावा किया है कि इस प्रक्रिया में करीब 13 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं. इनमें अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं की श्रेणी में दर्ज नाम भी शामिल हैं.
कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक निकाला गया मार्च
रैली से पहले विपक्षी नेताओं और समर्थकों ने कनॉट प्लेस के किनारे से रामलीला मैदान तक करीब 1.3 किलोमीटर लंबा मार्च निकाला. यह मार्च मिंटो रोड और कमला मार्केट से होकर गुजरा. दोपहर करीब 12:45 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में 19 से अधिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया.
खुली बस में सवार होकर पहुंचे विपक्षी नेता
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, RJD नेता तेजस्वी यादव, NCP (SP) नेता सुप्रिया सुले और नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला समेत कई नेता राजस्थान से मंगाई गई खुली बसों में सवार हुए. करीब डेढ़ घंटे तक समर्थकों के साथ काफिला मध्य दिल्ली की सड़कों से गुजरा और दोपहर करीब 2:30 बजे रामलीला मैदान पहुंचा.
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राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
मार्च और रैली के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा. यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की विपक्ष की मांग के बीच आयोजित किया गया था.