समाचार · मध्य प्रदेश
15 एकड़ जमीन लिखवाई, अब मां को बेसहारा छोड़ दिया:95 वर्षीय महिला व्हीलचेयर पर जनसुनवाई में पहुंची, बेटों पर भरण-पोषण नहीं करने का आरोप
सीहोर जिले की जनसुनवाई में मंगलवार को एक मार्मिक मामला सामने आया। रेहटी तहसील के ग्राम मोगरा की 95 वर्षीय वक्ता बाई व्हीलचेयर पर बैठकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं और अपने ही बेटों के खिलाफ न्याय की गुहार लगाई। बुजुर्ग महिला का आरोप है कि 15 एकड़ जमीन अपने तीनों बेटों के नाम करने के बाद उन्होंने उन्हें बेसहारा छोड़ दिया और भरण-पोषण की जिम्मेदारी निभाने से भी मुकर गए। वक्ता बाई ने अतिरिक्त कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि पति की मृत्यु के बाद उन्होंने अपनी 15 एकड़ उपजाऊ जमीन तीनों बेटों में बराबर बांट दी थी। जमीन के बंटवारे के समय तीनों बेटों ने उनकी देखभाल करने और हर महीने 10-10 हजार रुपए भरण-पोषण के लिए देने का वादा किया था। जमीन मिलते ही बदल गया बेटों का व्यवहार महिला का आरोप है कि कुछ महीने तक बेटों ने वादा निभाया, लेकिन जमीन अपने नाम होते ही उन्होंने उनकी देखभाल करना बंद कर दिया। अब उन्हें अपने भरण-पोषण के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। इसी वजह से उन्हें व्हीलचेयर पर बैठकर जनसुनवाई में पहुंचकर न्याय की गुहार लगानी पड़ी। बुजुर्ग महिला ने प्रशासन से मांग की है कि बेटों ने वादाखिलाफी की है, इसलिए उनकी जमीन वापस दिलाई जाए। उनका कहना है कि उन्हें न तो भरण-पोषण मिल रहा है और न ही परिवार का सहारा। मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त कलेक्टर ने संबंधित एसडीएम को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।