Saturday, 15 August 2026
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सिरसा में 72घंटे से जलघर टंकी पर चढ़े किसान:सरपंच बोली-हक की लड़ाई, सीएम से मिलवा दो, सैलजा बोली-सरकार ठोस निर्णय ले

INT News15 August 2026 at 03:54 pm

सिरसा के वैदवाला गांव में पिछले दिनों तीन किसान गांव के जलघर में बनी पानी की टंकी के ऊपर चढ़े हुए हैं। अब तक सरकार व प्रशासन की ओर से उनको कोई ठोस जवाब नहीं मिला। ऐसे में वे जिद पर अड़े हैं कि उनकी मांगें न मानी तो छलांग भी लगा सकते हैं। साथ ही धरनारत ग्रामीणों व किसानों को विभिन्न संगठन और राजनीतिक नेता समर्थन देने गांव पहुंच रहे हैं। खेत मालिक भूपेंद्र सिंह ने बताया, आज शनिवार को भी किसान जसवीर भाटी और मैक्स साहूवाला को एडीसी ने बातचीत के लिए बुलाया था, पर सहमति नहीं बनी। प्रशासन से ठोस आश्वासन नहीं मिला। ऐसे में किसानों ने प्रशासन से मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात की मांग की है, ताकि वे अपनी मांग रख सकें। इस पर रणनीति बन रही है। सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने भी शुक्रवार शाम को वैदवाला में धरने पर बैठे किसानों के बीच पहुंचकर उनकी मांगों और समस्याओं को सुना। उनके साथ कालांवाली विधायक शीशपाल कहरवाला व अन्य नेता मौजूद रहे। अब ग्रामीणों ने गांव में टेंट व कूलर आदि लगाकर पक्का मोर्चा शुरू कर दिया है। अन्य नेताओं का भी सिलसिला जारी है। इसी दौरान सांसद कुमारी सैलजा ने मीडिया से कहा, इसी मांग को लेकर भूपिंदर सिंह टावर के ऊपर चढ़कर विरोध कर रहे हैं। किसानों की मांगों को गंभीरता से सुनना और उनका न्यायोचित समाधान सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार को तत्काल किसानों से संवाद कर उचित मुआवजे के विषय में ठोस निर्णय लेना चाहिए, ताकि आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान हो सके। किसान सरकार से भीख तो नहीं मांग रहे : परमजीत कौर सरपंच परमजीत कौर ने जारी वीडियो में कहा, किसान सरकार से भीख तो मांग नहीं रहे। इन किसानों के पास दो से चार किले जमीन है। उनको भी अधिग्रहण करते तो उनका मालिकाना हक क्यों नहीं देते। जमीन के बीचों-बीच जो टावर लगा दिया, दूसरे किले की कीमत ही खत्म हो गई। इनको अपना अधिकार तो दो। पड़ोसी गांव कासनखेड़ा, हांडीखेड़ा, पनिहारी गांवों के किसानों को चार से पांच गुना मुआवजा दिया है। अन्नदाता के साथ ऐसा हो रहा परमजीत बोली, मगर यहां के किसानों को कलेक्टर रेट के हिसाब से 8-8 लाख रुपए मुआवजा दे रहे हो। इन किसानों के पास कितनी जमीन है और अन्नदाता के साथ ऐसा कर रहे हो, जो बहुत दु:ख वाली बात है। किसानों को अपना हक लेने के लिए ही इस सरकार के खिलाफ टंकी पर चढ़ना पड़ा। बीपी की बीमारी होने के बावजूद ये धरने पर बैठे हैं। अपना हक लेने के लिए विनती करनी पड़ रही है तो ये सरकार कैसे इंसाफ देगी ? इस सरकार का हम विरोध करते हैं। पॉलिसी के हिसाब से दूरी होनी चाहिए टावर लाइन : भूपेंद्र सिंह खेत मालिक भूपेंद्र सिंह वैदवाला बोले, पॉलिसी के हिसाब से ऐसी टावर वाली लाइन गांव से एक किलोमीटर दूरी होनी चाहिए। मगर ये टावर लाइन गांव में मकान के कुछ दूरी पास से गुजर रही है। यहां कई मकान बने हुए हैं और बावजूद इसके लाइन खींच दी। मामले के अनुसार, यह वैदवाला गांव का बिजली टावर मामला है और सिकंदरपुर रोड पर यह जलघर बना है। बिजली निगम की ओर से टावर लाइन खींचने के लिए वैदवाला में किसानों की जमीन अधिकृत की गई है, लेकिन उसके मुआवजे को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच नाराजगी चल रही है। किसानों का अभी तक प्रशासन पर मार्केट रेट के अनुसार मुआवजा न देने का आरोप है। बिजली के टावर मामले में इसी वीरवार को किसानों और ग्रामीणों ने महापंचायत बुलाई थी। ये पंचायत लघु सचिवालय गेट के बाहर धरने पर होनी थी। एक दिन पहले बुधवार को तंबू आदि लगाकर व्यवस्था की थी। वीरवार सुबह 10 बजे दोनों किसान जलघर टंकी पर चढ़ गए और सभी को वहीं पर बुला लिया। बाद में उसे उखाड़कर वैदवाला धरने पर ले गए।