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राष्ट्रीय आम समागम में नालंदा के वीर अभिमन्यु सिंह का जलवा, 'तेल वाला आम का अचार' श्रेणी में जीता दूसरा पुरस्कार

नालंदा के बिहारशरीफ से रणजीत सिंह की रिपोर्ट
Nalanda News: नालंदा जिले के किसानों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि सच्ची मेहनत और हुनर हो तो पहचान देशभर में बनती है. बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) सबौर, भागलपुर के प्रांगण में आयोजित दो दिवसीय भव्य राष्ट्रीय आम समागम में चंडी प्रखंड के गौढ़ापर गांव निवासी जेपी सेनानी नारायण प्रसाद के पुत्र व उद्यमी किसान वीर अभिमन्यु सिंह ने अपना परचम लहराया है. उन्होंने समागम की अत्यंत लोकप्रिय ‘तेल वाला आम का अचार’ श्रेणी में विशिष्ट स्वाद और गुणवत्ता के बल पर पूरे देश में द्वितीय पुरस्कार जीतकर जिले का मान बढ़ाया है.
राज्यपाल और कृषि मंत्री ने ऑनलाइन किया पुरस्कृत
इस दो दिवसीय राष्ट्रीय समागम के समापन समारोह के अवसर पर बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन एवं सूबे के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से ऑनलाइन माध्यम से जुड़े हुए विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए. देश के इस प्रतिष्ठित कृषि आयोजन में देश के आठ विभिन्न राज्यों से आए दो हजार से अधिक प्रगतिशील किसानों और कृषि उद्यमियों ने हिस्सा लिया था. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, इस वर्ष आयोजित किए गए राष्ट्रीय आम समागम की मुख्य थीम ‘स्वाद, संस्कृति और समृद्धि का संगम’ निर्धारित की गई थी.
सिर्फ एक डिब्बा अचार लेकर गए थे अभिमन्यु
इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) हरनौत की वरीय वैज्ञानिक सह प्राचार्य डॉ. सीमा कुमारी ने बताया कि वीर अभिमन्यु सिंह एक बेहद समर्पित और उद्यमी किसान हैं. उन्होंने एक दिलचस्प संस्मरण साझा करते हुए बताया कि अभिमन्यु अपने साथ सिर्फ एक डिब्बा अचार लेकर प्रतियोगिता में शामिल होने सबौर गए थे, लेकिन उन्हें अपने हुनर और उत्पाद की गुणवत्ता पर पूरा भरोसा था कि पुरस्कार जरूर मिलेगा. उनका यही अटूट आत्मविश्वास अंततः रंग लाया और देश के बड़े-बड़े विशेषज्ञों की टीम ने उनके अचार को द्वितीय पुरस्कार के लिए चुना.
सम्मान में मिला चेक और प्रशस्ति पत्र
इस शानदार राष्ट्रीय गौरव के लिए किसान वीर अभिमन्यु सिंह को विश्वविद्यालय मंच पर 1200 रुपये का चेक और विशेष प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया. वीर अभिमन्यु की इस बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि से चंडी प्रखंड सहित पूरे नालंदा जिले के किसानों और ग्रामीण इलाकों में खुशी की एक नई लहर दौड़ गई है. इस गौरवपूर्ण क्षण पर स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और किसान संगठनों ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों से ग्रामीण उद्यमियों को एक बड़ा मंच मिलता है, जिससे हमारे पारंपरिक गृह-उद्योग उत्पादों को देश स्तर पर नई पहचान मिलती है.
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