Monday, 2 November 2026
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यूपी में खेत ही नहीं अब तालाब से भी होगी कमाई, किसानों को सरकार दे रही मोती उत्पादन का मौका, जानें कैसे उठाएं लाभ

INT News2 November 2026 at 01:39 pm

UP Pearl Farming Scheme 2026: उत्तर प्रदेश के किसान अब खेती के साथ तालाब में मोती उत्पादन करके भी अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे. इसके लिए प्रदेश सरकार की मोती संवर्धन योजना के तहत गोरखपुर में तैयारियां तेज की जा रही हैं. जिले में योजना के क्रियान्वयन के लिए 18 लाख का बजट निर्धारित किया गया है. किसानों को मोती उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक सिखाने के साथ अलग-अलग क्षमता की इकाइयां स्थापित करने का अवसर दिया जाएगा. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए विकल्प भी तैयार हो सकेंगे.

गोरखपुर में योजना के लिए 18 लाख निर्धारित

गोरखपुर में मोती संवर्धन योजना को आगे बढ़ाने के लिए 18 लाख का बजट निर्धारित किया गया है. विभाग को शासन से धनराशि मिलने का इंतजार है. इसके बाद जिले में लाभार्थियों का लक्ष्य तय कर आवेदन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार, योजना को लेकर अभी किसानों में जागरूकता कम है और आवेदन भी अपेक्षा से कम मिले हैं. ऐसे में मत्स्य विभाग अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ने की तैयारी कर रहा है.

15 किसानों को दिया जा चुका है मोती उत्पादन का प्रशिक्षण

मोती उत्पादन की तकनीक समझाने के लिए सितंबर 2026 में गोरखपुर मंडल के 15 चयनित किसानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया था. यह प्रशिक्षण चरगावां स्थित कृषि भवन सभागार में आयोजित किया गया था. इसमें विशेषज्ञ आनंद कुमार और डॉ. अय्यूब ने किसानों को सीप के चयन, उनमें न्यूक्लियस (केंद्रक) प्रत्यारोपित करने और तालाब के प्रबंधन की जानकारी दी. इसका उद्देश्य किसानों को मोती उत्पादन की वैज्ञानिक प्रक्रिया से परिचित कराना है.

2 हजार से 15 हजार सीप तक की इकाई लगा सकेंगे किसान

योजना के तहत किसानों को अपनी जमीन, तालाब और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार तीन तरह की मोती उत्पादन इकाइयां स्थापित करने का विकल्प मिलेगा.

पहली श्रेणी: 2 हजार सीप क्षमता वाली इकाई.

दूसरी श्रेणी: 5 हजार सीप क्षमता वाली इकाई.

तीसरी श्रेणी: 15 हजार सीप क्षमता वाली इकाई.

योजना के अनुसार, इन इकाइयों की अनुमानित लागत क्रमशः 1.50 लाख, 3.50 लाख और 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है. इससे छोटे और बड़े तालाब वाले किसान अपनी क्षमता के अनुसार मोती उत्पादन का काम शुरू कर सकेंगे.

पूरे यूपी में योजना के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में मोती संवर्धन योजना के लिए कुल 3 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है. योजना का उद्देश्य कम उपयोग में आने वाले जल स्रोतों का इस्तेमाल कर मोती उत्पादन को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है. इसके तहत लाभार्थियों का चयन जिला स्तर पर गठित समिति के माध्यम से किया जाएगा. आवेदन विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन लिए जाने का प्रावधान है.

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