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बिना रजिस्ट्रेशन संचालित कैंसर अस्पताल की शिकायत:चितावद के देवी अहिल्या कैंसर हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप; अवैध संचालन और ठगी की शिकायत
इंदौर में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे एक कैंसर अस्पताल को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में की गई शिकायत में चितावद स्थित देवी अहिल्या कैंसर हॉस्पिटल पर पिछले करीब 10 वर्षों से अवैध रूप से संचालित होने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। शिकायतकर्ता एडवोकेट चर्चित शास्त्री ने आरोप लगाया है कि अस्पताल एक तीन मंजिला अवैध भवन में संचालित हो रहा है और इसके संचालक अजय हार्डिया के पास डॉक्टर की डिग्री तक नहीं है। शिकायत में दावा किया गया है कि अस्पताल में कैंसर मरीजों से प्रतिदिन हजारों रुपए बेड शुल्क वसूला जा रहा है और बीमारी के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है। आरटीआई में नहीं मिला अस्पताल का रजिस्ट्रेशन शिकायत के अनुसार सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी में सीएमएचओ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारीकार्यालय ने बताया कि इस नाम से कोई अस्पताल रजिस्ट्रेशन नहीं है। इसके बावजूद अस्पताल का संचालन लगातार जारी रहने पर सवाल खड़े किए गए हैं। सीएमएचओ पर संरक्षण देने का आरोप शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अस्पताल संचालक के खिलाफ विभिन्न थानों में धोखाधड़ी के पांच से अधिक प्रकरण लंबित हैं, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। शिकायतकर्ता ने सीएमएचओ पर अस्पताल को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया है। कलेक्टर बोले शिकायत सही मिली तो होगी कार्रवाई मामले पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि अस्पताल के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है, जिसमें वैध लाइसेंस के बिना संचालन किए जाने की बात कही गई है। शिकायत की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा यदि कोई संस्थान अवैध रूप से संचालित हो रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामला संज्ञान में आया है और जांच के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।