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आजम खान को मुसलमान होने की नहीं, भ्रष्टाचार की मिल रही सजा, केशव मौर्य ने अखिलेश यादव को भी जांच के दायरे में लाने की उठाई मांग

UP Politics: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की गिरफ्तारी को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है. आजम खान के मुसलमान होने और यूनिवर्सिटी बनाने की सजा मिलने के बयान पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि आजम खान को न तो मुसलमान होने की सजा मिल रही है और न ही यूनिवर्सिटी बनाने की, बल्कि उनके कथित अपराधों और भ्रष्टाचार की सजा मिल रही है. केशव मौर्य ने इस मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी जांच के दायरे में शामिल करने की मांग की है.
अखिलेश सरकार में मंत्री थे आजम खान
लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आजम खान अखिलेश यादव की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे. अगर उस सरकार के कार्यकाल में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि जांच केवल आजम खान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी इसके दायरे में शामिल किया जाना चाहिए.
जेल से रिहाई के तुरंत बाद ED ने किया गिरफ्तार
दरअसल, आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड बनवाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद 31 अक्टूबर को रामपुर जेल से रिहा किया गया था. दोनों को इस मामले में मिली सजा निलंबित किए जाने के बाद जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हुआ था. हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि रद्द नहीं की थी. आजम खान जेल से बाहर निकले ही थे कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया. यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई. एजेंसी इस मामले में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की जांच कर रही है.
आजम खान ने कहा- मुसलमान होने की मिल रही सजा
ED की कार्रवाई के बाद आजम खान ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उन्हें मुसलमान होने की सजा मिल रही है. उन्होंने कहा कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई और बच्चों के लिए स्कूल बनाए, यही उनका गुनाह है. उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं.
अखिलेश यादव ने भी सरकार पर साधा निशाना
आजम खान की गिरफ्तारी पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने लिखा कि आज के हुक्मरानों को याद रखना चाहिए कि जब वक्त बदलता है तो तख्त भी बदल जाता है. अखिलेश ने आजम खान के खिलाफ मुकदमों को साजिश बताते हुए कार्रवाई की निंदा की थी.
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