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कैंसर मरीजों के लिए दान किए बाल:बालोद की दो बहनों ने तमिलनाडु की संस्था को भेजे केश, विग बनाकर मरीजों को निशुल्क दी जाएगी
बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के नवागांव डूंडेरा निवासी दो सगी बहनों ने कैंसर मरीजों के लिए अपने लंबे बाल दान कर मानवता की मिसाल पेश की है। खुशी साहू और उनकी छोटी बहन मौली साहू ने अपने बाल कटवाकर तमिलनाडु की सामाजिक संस्था हेयर क्राउन को डाक के माध्यम से भेजे हैं। यह संस्था इन बालों से विग तैयार करेगी। इन विग को कीमोथेरेपी के दौरान बाल गंवाने वाले कैंसर मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। दोनों बहनें अपनी मौसी एनुका शार्वा से प्रेरित हुई हैं, जो कैंसर जागरूकता अभियान चला रही हैं। केशदान करने के बाद खुशी और मौली साहू ने बताया कि उन्हें खुशी और सुकून महसूस हो रहा है। उनका कहना है कि कैंसर को लेकर समाज में अब भी कई भ्रांतियां हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और कैंसर मरीजों का मनोबल मजबूत करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार आगे आना चाहिए। मौसी को कैंसर जागरूकता अभियान चलाते देख मिली प्रेरणा खुशी और मौली ने बताया कि उनकी मौसी एनुका शार्वा कई वर्षों से कैंसर जागरूकता के लिए काम कर रही हैं। वे स्कूल-कॉलेज की छात्राओं, महिला समूहों, मोहल्ला बैठकों, साइकिल रैली और मितानिनों के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती हैं। इस दौरान लोगों को कैंसर के लक्षण, जांच और इलाज के विकल्पों की जानकारी देने के साथ मरीजों और उनके परिवारों की काउंसलिंग भी करती हैं। खुशी ने बताया कि मौसी को अपना समय निकालकर लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक करते देखकर उनके मन में भी समाज के लिए कुछ करने की इच्छा हुई। इसी सोच के साथ दोनों बहनों ने कैंसर मरीजों की मदद के लिए अपने बाल दान करने का फैसला लिया। परिवार में भी सेवा और शिक्षा का माहौल केशदान करने वाली खुशी साहू भिलाई स्थित श्री शंकराचार्य कॉलेज से एम. फार्मा की पढ़ाई कर रही है, जबकि उनकी छोटी बहन मौली साहू कक्षा 12वीं की छात्रा है। परिवार में भी सेवा और शिक्षा का माहौल रहा है। खुशी की मां तिलेश साहू पिछले वर्ष कैंसर मरीजों के लिए अपने बाल दान कर चुकी हैं। उनके पिता डॉ. कुलेश्वर साहू चिकित्सक हैं, जबकि दादा सियाराम साहू सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। विद्यार्थियों की प्रारंभिक कैंसर जांच में रेडक्रॉस करेगा सहयोग छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस के सभापति तोमन साहू ने विद्यार्थियों की प्रारंभिक कैंसर जांच का खर्च रेडक्रॉस के माध्यम से वहन करने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य बीमारी की शुरुआती स्तर पर पहचान कर समय पर इलाज शुरू कराना है। जिला रेडक्रॉस प्रबंधन समिति की सक्रिय सदस्य एनुका शार्वा लंबे समय से बालोद में कैंसर जागरूकता अभियान चला रही हैं। वे अब तक करीब 50 से 52 महिलाओं की काउंसलिंग कर चुकी हैं। उनका कहना है कि पहले लोग कैंसर का नाम सुनकर ही डर जाते थे, लेकिन जागरूकता बढ़ने के साथ अब लोग खुलकर बीमारी के बारे में बात कर रहे हैं और जांच कराने के लिए भी आगे आ रहे हैं। उनके प्रयासों से प्रेरित होकर जिले में कई लोगों ने कैंसर मरीजों के लिए अपने बाल दान किए हैं। कीमोथेरेपी के दौरान बाल झड़ने से कई कैंसर मरीजों का आत्मविश्वास प्रभावित होता है। ऐसे में दान किए गए बालों से तैयार विग मरीजों को आत्मविश्वास लौटाने में मदद करती है। खुशी और मौली की यह पहल कैंसर मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के साथ समाज में जागरूकता और सहयोग का संदेश देती है।