समाचार · मध्य प्रदेश
वित्त विभाग ने 24 जिलों के आउटसोर्स कर्मचारी हटाए:पेंशन-भविष्यनिधि कार्यालयों में 1 अगस्त से सेवाएं बंद, 31 मार्च 2027 तक आउटसोर्स व्यवस्था खत्म करने की तैयारी
राज्य सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। वित्त विभाग के पेंशन, भविष्यनिधि एवं बीमा संचालनालय ने प्रदेश के 24 जिलों में पदस्थ आउटसोर्स डेटा एंट्री ऑपरेटरों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। आदेश के अनुसार इन कर्मचारियों की सेवाएं 31 जुलाई तक ही मान्य रहेंगी और 1 अगस्त से वे विभाग में कार्य नहीं कर सकेंगे। 30 जुलाई को जारी आदेश में पेंशन, भविष्यनिधि एवं बीमा संचालनालय के संयुक्त संचालक ने उद्यमिता विकास केंद्र (सेडमैप) को निर्देश दिए हैं कि 24 डेटा एंट्री ऑपरेटर (संविदा सहायक ग्रेड-3) की सेवाएं 31 जुलाई से वापस ली जा रही हैं। साथ ही जुलाई माह का वेतन बिल शीघ्र तैयार कर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया है। इन जिलों में हटाए गए कर्मचारी जिन जिलों में आउटसोर्स डेटा एंट्री ऑपरेटरों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उनमें शिवपुरी, पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, नीमच, मंदसौर, शाजापुर, सिंगरौली, अनूपपुर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, बैतूल, हरदा, खरगौन, बड़वानी, बुरहानपुर, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, सतना और शहडोल सहित कुल 24 जिले शामिल हैं। 22 कर्मचारियों की सेवाएं फिलहाल जारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कार्यरत 22 आउटसोर्स डेटा एंट्री ऑपरेटरों की सेवाएं फिलहाल जारी रहेंगी। 2027 तक आउटसोर्स व्यवस्था खत्म करने की तैयारी गौरतलब है कि वित्त विभाग ने अक्टूबर 2025 में सभी विभागों को निर्देश जारी कर 31 मार्च 2027 तक आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने और उनके स्थान पर नई आउटसोर्स भर्ती नहीं करने की नीति लागू करने को कहा था। ताजा कार्रवाई को उसी नीति के तहत उठाया गया अगला कदम माना जा रहा है।