समाचार · छत्तीसगढ़
गौरेला में भारी बारिश से जर्जर मकान ढहा:पड़ोसियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा, NH-45 पर गड्ढों और कीचड़ में फंसे वाहन, लगा जाम
गौरेला में भारी बारिश के बीच एक जर्जर मकान ढह गया, वहीं नेशनल हाईवे-45 पर कीचड़ और गड्ढों के कारण वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। मकान गिरने की घटना में समय रहते घर खाली करा लिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। दूसरी ओर, हाईवे पर भारी वाहन कीचड़ में फंसने से लंबा जाम लग रहा है। गौरेला के वार्ड नंबर 8 में शनिवार शाम स्वर्गीय शेख नेहाल का जर्जर मकान तेज बारिश के कारण ढह गया। मकान में उनके बेटे कादिर खान और उनकी बहन रहते थे। इससे पहले ही मकान की दीवारों में गहरी दरारें आ गई थीं और बारिश का पानी अंदर आने लगा था। दीवारों में दरार देख खाली कराया मकान मकान की हालत देखकर पड़ोसी फिरदौस आलम ने कादिर और उनकी बहन को तुरंत घर खाली करने की सलाह दी। दोनों को पड़ोसी के घर में सुरक्षित ठहराया गया। वार्ड के युवाओं ने भी मकान के आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी, ताकि कोई राहगीर हादसे की चपेट में न आए। शनिवार रात मकान आखिरकार ढह गया। घर पहले ही खाली करा लिया गया था, इसलिए किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। घटना की जानकारी मिलने पर नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश दुबे मौके पर पहुंचे और परिवार से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया। नेशनल हाईवे 45 पर भारी कीचड़: गौरेला-बिलासपुर मार्ग पर वाहन फंसे, लंबा जाम इधर, बारिश के कारण गौरेला-बिलासपुर मार्ग पर नेशनल हाईवे-45 की हालत भी खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और भारी कीचड़ जमा होने से वाहनों को निकलने में काफी परेशानी हो रही है। कीचड़ में भारी वाहन सड़क के बीचों-बीच फंस रहे हैं। इन्हें निकालने के लिए जेसीबी की मदद लेनी पड़ रही है। वाहनों के फंसने से हाईवे पर लंबा जाम लग रहा है। बसों और दूसरे वाहनों को भी काफी सावधानी से निकलना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण यात्रियों के साथ एंबुलेंस और व्यावसायिक वाहनों को भी घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। बारिश के बीच सड़क की खराब हालत ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।