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INDIA March : आकाशवाणी परिसर में राहुल-प्रियंका का आंदोलन खत्म, अब आगे क्या करेगी कांग्रेस?

दिल्ली में मंगलवार को कांग्रेस और विपक्षी दलों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला. चुनाव में गड़बड़ी के आरोप और मतदाता सूची (SIR) में हो रहे बदलाव के विरोध में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेता आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए. करीब 8 घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत करीब 250 लोगों को हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए गए लोगों में करीब 50 सांसद शामिल हैं.
आकाशवाणी परिसर में 8 घंटे का हाई वोल्टेज ड्रामा
मंगलवार को विपक्षी INDIA गठबंधन के सांसद पहले संसद मार्ग से चुनाव आयोग के दफ्तर की तरफ मार्च निकाल रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया. इसके बाद कई सांसदों और नेताओं को हिरासत में ले लिया गया.
लेकिन राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा चुनाव आयोग के दफ्तर तक जाने की कोशिश करते हुए आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए. दोनों वहीं एक पेड़ के नीचे बैठ गए और धरना शुरू कर दिया.
विपक्ष का कहना है कि चुनाव से जुड़ी व्यवस्था में गड़बड़ी को लेकर उनकी बात सुनी जानी चाहिए. उनकी मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाया जाए और मतदाता सूची की विशेष गहन जांच यानी SIR को रोक दिया जाए.
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राहुल गांधी समेत 250 लोगों को हिरासत में
करीब 8 घंटे तक धरना चलने के बाद पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर को खाली कराना शुरू किया. पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत वहां मौजूद नेताओं को वहां से हटाया.
इस दौरान कांग्रेस के कई नेता और सांसद भी पुलिस की कार्रवाई की चपेट में आए. इनमें केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, के सुरेश, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और इमरान प्रतापगढ़ी समेत कई नेता शामिल हैं.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक. करीब 250 लोगों को हिरासत में लिया गया. इनमें लगभग 50 सांसद बताए जा रहे हैं. हिरासत में लिए गए लोगों को किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइंस ले जाया गया.
किस बात को लेकर हो रहा है विरोध?
विपक्षी दल चुनाव व्यवस्था और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठा रहे हैं. उनका आरोप है कि चुनाव से जुड़ी प्रक्रिया में गड़बड़ी हो रही है और मतदाता सूची की जांच के नाम पर लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं.विपक्ष चाहता है कि चुनाव आयोग इन सवालों का जवाब दे. इसी को लेकर मंगलवार को सांसदों ने चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च करने की कोशिश की थी.
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अब आगे क्या करेगा विपक्ष?
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं की हिरासत के बाद इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने की उम्मीद है. अब देखना होगा कि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन आगे क्या कदम उठाता है और सरकार या चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या जवाब देता है.