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मछली पालन के साथ मोती उगाने का मौका, यूपी के किसानों को मिलेगी 4 लाख तक सब्सिडी, जानें कैसे करें आवेदन

UP Pearl Farming Scheme: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के रुदौली क्षेत्र में अब मछली पालन के साथ मोती उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. उत्तर प्रदेश मोती संवर्धन योजना के तहत किसानों को वैज्ञानिक तरीके से सीप पालन कर मोती उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. योजना में इकाई के आकार के अनुसार एक लाख से चार लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान बताया गया है. इससे मत्स्य पालकों को अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिल सकता है.
रुदौली में मछली पालन के साथ मोती उत्पादन की तैयारी
रुदौली क्षेत्र में सरकारी और निजी क्षेत्र के करीब एक हजार हेक्टेयर तालाबों में मछली पालन किया जाता है. यहां हर साल लगभग 10 हजार टन मछली उत्पादन होने का आंकड़ा है. ऐसे में मछली पालन के साथ मोती उत्पादन शुरू होने से किसानों को कमाई का एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है. योजना के तहत वैज्ञानिक तरीके से सीप पालन और मोती उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है.
2,000 से 15,000 सीप पालन के लिए अलग-अलग इकाइयां
योजना के तहत मोती पालन के लिए तीन आकार की इकाइयां निर्धारित की गई हैं. 440 वर्गमीटर क्षेत्रफल में 2,000 सीप, 555 वर्गमीटर में 5,000 सीप और 1,000 वर्गमीटर में 15,000 सीप पालन की व्यवस्था है. इन इकाइयों के लिए क्रमशः एक लाख, तीन लाख और चार लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान बताया गया है. योजना में 40 प्रतिशत तक सब्सिडी दिए जाने की जानकारी दी गई है.
मोती उत्पादन के लिए किसानों को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण
मोती उत्पादन शुरू करने वाले किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. अधिकृत प्रशिक्षक खेत-तालाब तैयार करने, सीपों की देखभाल, न्यूक्लियस प्रत्यारोपण और मोती तैयार करने की प्रक्रिया में मार्गदर्शन करेंगे. सीप खरीदने में भी चयनित प्रशिक्षकों के माध्यम से सहयोग की व्यवस्था है. इससे किसानों को वैज्ञानिक तरीके से मोती पालन शुरू करने में मदद मिल सकती है.
पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे पात्र किसान
उत्तर प्रदेश मोती संवर्धन योजना का लाभ लेने के लिए निजी भूमि पर बने खेत-तालाबों में मोती पालन करने वाले पात्र किसान संबंधित पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे. चयनित किसानों को मोती उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके तहत तालाब तैयार करने, सीपों की देखभाल और मोती उत्पादन की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी.
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