Tuesday, 13 October 2026
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पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के OSD डॉ. रोकड़े के खिलाफ शिकायत:45 लाख के भुगतान की जांच के लिए कमेटी गठित, अटैच टैक्सी के उपयोग का आरोप

INT News13 October 2026 at 07:27 am

इंदौर के महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (एमजीएम) में डॉ. राहुल रोकड़े के कार-टैक्सी उपयोग पर हुए करीब 40 से 45 लाख रुपए के भुगतान को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। मामले में कॉलेज प्रबंधन ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। आरोप है कि भोपाल और इंदौर के बीच आने-जाने के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन का भुगतान कॉलेज के स्वशासी मद से किया गया, लेकिन इस राशि का अब तक ऑडिट नहीं हुआ और न ही कार्यकारिणी की बैठक में भुगतान को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। समिति को तीन दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक राधेश्याम मुवेल ने 16 सितंबर 2026 को इस संबंध में कॉलेज के डीन को शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि भोपाल-इंदौर यात्रा के लिए टैक्सी का भुगतान निर्धारित नियमों के विपरीत किया गया। शिकायत के बाद कॉलेज प्रबंधन ने मामले की जांच कराने का निर्णय लिया। सालाना 14 से 15 लाख रुपए का भुगतान कॉलेज प्रबंधन के दस्तावेजों के अनुसार तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री के निजी स्थापना से भेजे गए पत्रों के आधार पर ट्रैवल एजेंसी को वर्ष 2021, 2022 और 2023 के दौरान करीब 14 से 15 लाख रुपए सालाना भुगतान किया गया। तीन वर्षों में कुल राशि लगभग 40 से 45 लाख रुपए बताई गई है। जानकारी के मुताबिक कोरोना काल के दौरान मंत्री के नाम पर वाहन अटैच किया गया था। इसका भुगतान एमजीएम मेडिकल कॉलेज के स्वशासी मद से किया गया। कॉलेज के अनुसार संबंधित वाहन का उपयोग डॉ. राहुल रोकड़े कर रहे थे, जो पूर्व में तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के ओएसडी रह चुके हैं और वर्तमान में एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमटीए के अध्यक्ष हैं। भुगतान की स्वीकृति और ऑडिट की होगी जांच जांच समिति यह पता लगाएगी कि वाहन के भुगतान के लिए किन आदेशों और नियमों का पालन किया गया था। साथ ही, भुगतान के लिए आवश्यक स्वीकृतियां ली गई थीं या नहीं और वित्तीय प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता हुई या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी। शिकायत में भुगतान का ऑडिट नहीं होने और कार्यकारिणी की बैठक में इसे अनुमोदित नहीं कराए जाने का मुद्दा उठाया गया है। ऐसे में जांच के दौरान संबंधित दस्तावेजों, आदेशों, स्वीकृतियों और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। चार सदस्यीय समिति गठित, तीन दिन में देनी होगी रिपोर्ट एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। एनाटॉमी विभाग की सह प्राध्यापक डॉ. शीनू मलिक सूरी को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. दीपक गवली और प्रशासनिक अधिकारी टीएस बघेल को सदस्य नियुक्त किया गया है। वहीं, लेखा शाखा के सहायक वर्ग-2 कर्मचारी अनिष फतरोड को प्रस्तुतकर्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। समिति को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया और उसमें संभावित अनियमितताओं को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। डॉ. रोकड़े बोले- मैंने कोई भुगतान नहीं किया मामले में डॉ. राहुल रोकड़े ने अपनी सफाई में कहा, “मेरे द्वारा कोई भुगतान नहीं किया गया है। मंत्री के निजी स्थापना में वाहन लगा था। यदि कोई अनियमितता बताई जा रही है तो मंत्री कार्यालय से इसकी जांच होना चाहिए।” अब जांच समिति की रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि वाहन के उपयोग और भुगतान की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं।