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नेपाल से आ रहा पानी बिहार में कितना मचा सकता है कहर? 3 पॉइंट में समझें गंडक पर कितना पड़ेगा असर

Bihar Flood: नेपाल के रसुवा में आई भीषण बाढ़ का असर अब बिहार की गंडक नदी में दिखने लगा है. नेपाल से बड़ी मात्रा में पानी आने के बाद वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं. बुधवार रात बैराज से करीब 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया.
हालात को देखते हुए बिहार में प्रशासन अलर्ट है. NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं. नदी किनारे के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. अब सवाल है कि नेपाल से आया यह पानी बिहार में कितना असर डाल सकता है? इसे 3 पॉइंट में समझिए.
1. गंडक में 3 से 4 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है पानी
नेपाल से आने वाले पानी के कारण गंडक नदी में जलप्रवाह काफी बढ़ने की आशंका है. कुछ आकलनों में गंडक में 3 से 4 लाख क्यूसेक पानी पहुंचने की संभावना जताई गई है. इसी वजह से नदी किनारे बसे इलाकों में सतर्कता बढ़ाई गई है.
हालांकि, नेपाल से आने वाली बाढ़ की पूरी लहर का असर एक जैसा नहीं रहेगा. नीचे की ओर बढ़ते समय पानी का पीक फ्लो कम भी हो सकता है. इसलिए वास्तविक खतरा पानी की मात्रा और अगले कुछ घंटों के बहाव पर निर्भर करेगा.
2. बैराज की क्षमता ज्यादा, लेकिन तेज बहाव सबसे बड़ी चिंता
वाल्मीकिनगर गंडक बैराज को करीब 8.5 लाख क्यूसेक पानी के दबाव को झेलने के हिसाब से डिजाइन किया गया है. ऐसे में 3 से 4 लाख क्यूसेक पानी आने की स्थिति में फिलहाल बैराज पर तत्काल खतरे की बात नहीं है.
लेकिन असली चिंता नदी के तेज करंट को लेकर है. पानी का बहाव तेज होने पर नदी में उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है. प्रशासन इसी वजह से लोगों को नदी से दूर रहने की सलाह दे रहा है.
3. किन जिलों पर सबसे ज्यादा नजर?
नेपाल से आने वाले पानी का सबसे पहला असर गंडक के आसपास के इलाकों में पड़ सकता है. पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जैसे जिलों पर खास नजर रखी जा रही है. कुछ रिपोर्टों में सीतामढ़ी और शिवहर को भी हाई अलर्ट में शामिल बताया गया है.
गंडक के जलस्तर में तेजी आने पर नदी किनारे के निचले इलाकों में पानी फैलने और कटाव का खतरा बढ़ सकता है. यही वजह है कि प्रशासन पहले से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है.
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बैराज के 36 गेट क्यों खोले गए?
नेपाल से अचानक बढ़े पानी का दबाव कम करने के लिए वाल्मीकिनगर बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं. इसका मकसद अतिरिक्त पानी को नियंत्रित तरीके से आगे निकालना है. बैराज पर मुख्यालय स्तर से तकनीकी टीम भी भेजी गई है और गंडक नदी बेसिन के जिलों को चेतावनी जारी की गई है.
नेपाल के पानी से बिहार में अभी कितना खतरा?
फिलहाल इसे तुरंत बड़े पैमाने की बाढ़ मानना जल्दबाजी होगी. नेपाल से आने वाला पानी बिहार तक पहुंचने के दौरान कई स्तरों से गुजरता है. पानी की मात्रा, नदी का बहाव और बैराज की स्थिति तय करेगी कि बिहार में इसका असर कितना बड़ा होगा.
हालांकि, खतरे को हल्के में भी नहीं लिया जा रहा. नेपाल की बाढ़ के बाद गंडक में जलप्रवाह बढ़ चुका है और प्रशासन ने एहतियाती कदम शुरू कर दिए हैं. इसलिए अगले कुछ घंटे गंडक किनारे बसे इलाकों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं.
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