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गुरुग्राम में डोमिनोज पिज्जा की पैरेंट कंपनी में गबन:सीनियर असिस्टेंट मैनेजर ने जमा नहीं कराएं ₹3.28 लाख, नोटिस मिलने पर लापता
गुरुग्राम में प्रसिद्ध क्विक सर्विस रेस्टोरेंट ब्रांड 'डोमिनोज पिज्जा' का देशभर में संचालन करने वाली जानी-मानी फूड सर्विस कंपनी 'जुबिलेंट फूडवर्क्स' के सीनियर असिस्टेंट मैनेजर द्वारा कंपनी में गबन करने का मामला सामने आया है। कंपनी के कॉर्पोरेट अफेयर्स विभाग के सहायक प्रबंधक अभिषेक चौहान ने न्यू कॉलोनी पुलिस स्टेशन में तीन लाख 28 हजार रुपए के गबन का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाई है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार आरोपी वेद प्रकाश सेक्टर-7, ओल्ड रोड स्थित स्टोर पर ‘सीनियर असिस्टेंट गेस्ट डिलाइट मैनेजर’ के पद पर कार्यरत था। वेद प्रकाश मूल रूप से हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले का रहने वाला है। उसने एक अगस्त 2023 को कंपनी में नौकरी शुरू की थी। स्टोर पर वरिष्ठ पद पर होने के कारण वेद प्रकाश को कंपनी की ओर से अत्यंत महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी वाले कार्य सौंपे गए थे। उसका मुख्य काम स्टोर पर होने वाली दैनिक नकद बिक्री को संभालना, कॉर्पोरेट खर्चों का हिसाब रखना और हर दिन एकत्र होने वाले नकद को समय पर कंपनी के अधिकृत बैंक खाते में जमा कराना था। स्टोर पर नकद, कार्ड और विभिन्न डिजिटल पेमेंट गेटवे के माध्यम से बड़ी मात्रा में लेनदेन होता था, जिसकी सीधी निगरानी और पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी आरोपी वेद प्रकाश की थी। ऑडिट में हुआ गबन का खुलासा शिकायतकर्ता अभिषेक चौहान ने पुलिस को बताया कि जुबिलेंट फूडवर्क्स भारत की बड़ी फूड सर्विस कंपनियों में से एक है, जो देश भर में डोमिनोज पिज्जा के आउटलेट्स का एक विशाल नेटवर्क संचालित करती है। इन आउटलेट्स पर रोजाना लाखों ग्राहकों का आना-जाना होता है, जिससे भारी मात्रा में नकद और डिजिटल लेनदेन होता है। ऐसे में वित्तीय नियंत्रण और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कंपनी समय-समय पर आंतरिक ऑडिट करती है। हाल ही में जब कंपनी की ऑडिट टीम ने सेक्टर-7 स्टोर के वित्तीय रिकॉर्ड और बैंक जमा पर्चियों का मिलान किया, तो वित्तीय विसंगतियों का एक गंभीर मामला सामने आया। विस्तृत जांच और रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद पता चला कि कुल 3,28,613 रुपये का कोई हिसाब-किताब नहीं था। यह वह राशि थी जो ग्राहकों से नकद के रूप में एकत्र की गई थी और जिसे आरोपी वेद प्रकाश को बैंक में जमा कराना था, लेकिन उसने इसे अपने निजी स्वार्थ के लिए इस्तेमाल कर लिया। कारण बताओ नोटिस मिलते ही आरोपी हुआ फरार कंपनी ने इस गड़बड़ी का पता चलने के बाद आरोपी कर्मचारी को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का मौका दिया। कंपनी प्रबंधन द्वारा वेद प्रकाश से बार-बार इस विसंगति के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया। जब उसकी ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो कंपनी ने 15 जनवरी 2026 को उसे एक औपचारिक 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया। नोटिस मिलने के बाद आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार करने या पैसे लौटाने के बजाय नोटिस का जवाब देने से इनकार कर दिया और बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी पर आना भी बंद कर दिया। इसके बाद से उसका मोबाइल नंबर भी बंद आ रहा है और वह पूरी तरह से लापता हो गया है। आठ महीने पहले टर्मिनेट अभिषेक के मुताबिक कंपनी द्वारा कराई गई एक औपचारिक आंतरिक जांच में भी यह पुष्टि हुई कि आरोपी ने जानबूझकर कंपनी के फंड का गबन किया है। इसके बाद, कंपनी ने सख्त कदम उठाते हुए 28 जनवरी 2026 को उसकी सेवाएं समाप्त कर दीं।ऐसे में आरोपी ने कंपनी के भरोसे का फायदा उठाकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। आंतरिक स्तर पर किए गए सभी प्रयासों के विफल होने और आरोपी के फरार होने के बाद अब एफआईआर करवाई गई है। एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच कर रही फिलहाल सेक्टर-7 न्यू कॉलोनी पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज करने की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा सकती है।