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मधुबनी के पूर्व अनुमंडलाधिकारी की आय से अधिक संपत्ति जब्त करने का कोर्ट ने दिया आदेश

Patna Court Order : पटना की एक विशेष अदालत ने शनिवार को एक पूर्व अनुमंडलाधिकारी की लगभग 50 लाख रुपयों चिन्हि्त की गयी. आय से अधिक संपत्ति को राजसात करते हुए जब्त करने का आदेश दिया. निगरानी के अधिकृत पदाधिकारी की अदालत ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मधुबनी जिले के जयनगर के पूर्व अनुमंडलाधिकारी गुलाम मुस्तफा अंसारी की 49 लाख 3 हजार 963 रुपयों की आय से अधिक संपत्तियों को चिन्हि्त करते हुए उन्हें एक महीने के अंदर सरकार को सौंपने का आदेश दिया है.
सरकार को चिह्नित संपत्ति नहीं सौंपने पर डीएम करेंगे कार्रवाई
अगर वह एक महीने के भीतर सरकार को चिह्नित संपत्ति नहीं सौंपते हैं तो जिलाधिकारी संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई कर सकते हैं. राजसात की गयी संपत्तियों में किशनगंज में स्थित चार भूखंड,अररिया में पांच भूखंड, पटना में तीन भूखंड और सारण जिले में तीन भूखंड के अलावा बैंकों में जमा की गयी राशि शामिल है.
2016 में एक लाख रिश्वत लेते धराए थे पूर्व अनुमंडलाधिकारी
मामले के विशेष लोक अभियोजक राजेश कुमार ने बताया की पूर्व अनुमंडलाधिकारी को ब्यूरो ने एक लाख रुपयों की रिश्वत लेते हुए वर्ष 2016 में गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद उनके घर की तलाशी में रुपये एवं संपत्तियों के कागजात तथा निवेश के कागजात बरामद हुए थे. इसके बाद निगरानी ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था.
1997 से 2016 के बीच आय से अधिक संपत्ति अर्जित का आरोप
उन्होंने बताया कि गुलाम मुस्तफा अंसारी पर 26 अगस्त 1997 से 27 अक्तूबर 2016 के बीच अपने एवं अपने परिजनों के नाम से आय के सभी ज्ञात सूत्रों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. निगरानी की ओर से बाद में गुलाम मुस्तफा अंसारी की आय से अधिक संपत्तियों को बिहार विशेष न्यायालय अधिनियम की धारा 13 के तहत राजसात किए जाने का आवेदन दाखिल किया गया था. जिस पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया गया है.
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