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सहारा इंडिया पीड़ितों का 9 अगस्त से सत्याग्रह, राजभवन के सामने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान

वरीय संवाददाता, रांची
रांची : सहारा इंडिया में निवेश कर आर्थिक नुकसान उठाने वाले निवेशकों और अभिकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. विश्व भारती जनसेवा संस्थान की ओर से शनिवार को धुर्वा में आयोजित बैठक में 9 अगस्त से राजभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन सत्याग्रह आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया. धुर्वा शर्मा मार्केट स्थित संस्थान के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय सचिव नागेंद्र कुमार कुशवाहा ने कहा कि यह सत्याग्रह तब तक जारी रहेगा, जब तक सहारा पीड़ितों को न्याय नहीं मिल जाता.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा पूर्व में सहारा पीड़ितों के संबंध में किए गए आश्वासनों को अब धरातल पर लागू किया जाना चाहिए. उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिका संख्या 147/24 में झारखंड के करीब 32 हजार करोड़ रुपये के दावों के संबंध में राज्य सरकार हस्तक्षेप याचिका दाखिल करे.
जांच आयोग गठन और आर्थिक सहायता की मांग
बैठक में सहारा समूह के अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज करने, सहारा पीड़ितों के लिए अलग जांच आयोग गठित करने तथा निवेश की रकम नहीं मिलने से प्रभावित होकर जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई गई.
वारंटी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग
पीड़ितों का आरोप है कि अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) में दर्ज मामले में एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद वारंटी अधिकारियों सपना रॉय, नीरज पाल, देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, ओपी श्रीवास्तव, जयब्रत रॉय, सुशांतो रॉय और सुमंतो रॉय की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.
बैठक में संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार राम, प्रदेश अध्यक्ष सफकत नाज, प्रदेश सचिव संतोष साहू, संतोष कुमार सहित बड़ी संख्या में सहारा पीड़ित और अभिकर्ता मौजूद रहे.
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