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पंजाब CM भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI का छापा, OSD और 5 अन्य के खिलाफ FIR दर्ज

Bhagwant Mann Camp Office CBI Raid : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस और उनके OSD राजबीर सिंह घुम्मन के चंडीगढ़ स्थित आवास पर मंगलवार को CBI ने छापेमारी की. यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश के एक दिन बाद हुई है, जिसमें कोर्ट ने मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच CBI को सौंपते हुए केस दर्ज करने का निर्देश दिया था.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, घुम्मन के घर पर CBI की कार्रवाई शाम करीब 6:15 बजे शुरू हुई और वहां CBI के 50 से ज्यादा अधिकारी तथा CRPF के जवान मौजूद रहे. CBI ने सीएम भगवंत मान के OSD समेत 5 अन्य के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है.
भगवंत मान ने BJP पर साधा निशाना
CBI की कार्रवाई पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोप लगाया कि BJP पंजाब चुनाव की तैयारी कर रही है और उन्हें तथा पंजाब सरकार को बदनाम करने के लिए ED और CBI का इस्तेमाल किया जा रहा है. मान ने यह भी कहा कि उन्हें जनता का मिल रहा समर्थन BJP को परेशान कर रहा है. ये मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप हैं.
क्या है पूरा मामला?
मामला ED की ओर से पंजाब के DGP को भेजे गए उन पत्रों से जुड़ा है, जिनमें राज्य सरकार में कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे. ED ने मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत कुछ लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए थे. आरोपों में सरकारी तबादलों, गोपनीय दस्तावेजों तक पहुंच, आर्म्स लाइसेंस दिलाने और अन्य सरकारी कामों में कथित हस्तक्षेप जैसी बातें शामिल हैं. हालांकि, ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और इन्हें किसी अदालत ने दोष साबित होने के रूप में तय नहीं किया है.
हाईकोर्ट ने क्यों CBI को सौंपी जांच?
वकील निखिल सराफ की PIL पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की पीठ ने सोमवार को CBI को आपराधिक मामला दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा कि ED की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री में संज्ञेय अपराध के संकेत हैं और मामले में सिर्फ प्रारंभिक जांच जारी रखना पर्याप्त नहीं है. CBI को दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा गया है.
पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस चुनौती पर सुनवाई के लिए मामला सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई, हालांकि तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए इसे बुधवार या गुरुवार को सुनने की बात कही गई.
ED के आरोपों में क्या कहा गया?
ED के मुताबिक, नितिन गोहल नाम का व्यक्ति सरकारी कामों में फायदा चाहने वाले लोगों और OSD राजबीर घुम्मन के बीच कथित बिचौलिये के तौर पर काम करता था. एजेंसी ने आरोप लगाया कि सरकारी तबादलों और अन्य सुविधाओं के लिए लोगों को मदद दिलाने का नेटवर्क काम कर रहा था. ED की ये बातें उसके द्वारा पंजाब DGP को भेजे गए पत्रों में सामने आई थीं. घुम्मन और उनके सहयोगियों ने पहले इन आरोपों को निराधार बताया है.
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