Tuesday, 7 July 2026
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कोर्ट का आदेश, अब पुलिस कस्टडी में 3 आरोपियों से आमने-सामने होगी पूछताछ

INT News7 July 2026 at 05:46 pm

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी से जुड़े मामले में सोमवार को अहम सुनवाई हुई. अयोध्या पुलिस ने जेल में बंद तीन आरोपियों-अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे की सात दिन की पुलिस कस्टडी की मांग करते हुए अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया था. अदालत ने मामले में गिरफ्तार लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडे की 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर कर ली है. आदेश के बाद अयोध्या पुलिस तीनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ करेगी. जांच एजेंसियों का मानना है कि कस्टडी में पूछताछ से मामले से जुड़े कई अहम तथ्यों और साक्ष्यों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है.

बुधवार की सुबह पुलिस करेगी पूछताछ

पुलिस बुधवार की सुबह 10 बजे से पूछताछ शुरू करेगी. जांच के दौरान तीनों आरोपियों को उनके कथित ठिकानों पर भी ले जाया जाएगा, जहां गबन से जुड़े सामान और अन्य सबूतों की तलाश की जाएगी. जांच एजेंसियों की नजर विशेष रूप से अनुकल्प मिश्रा की हाल में खरीदी गई संपत्तियों पर है. पुलिस उसके नए घर, वाहन और अन्य संपत्तियों के संबंध में जानकारी जुटाएगी. जरूरत पड़ने पर संबंधित स्थानों की तलाशी भी ली जा सकती है.

SIT को सीसीटीवी फुटेज में मिला है साक्ष्य

आज तक की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की जांच कर रही एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट में छह लोगों की प्रथम दृष्टया संलिप्तता का उल्लेख किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था के प्रभावी अनुपालन में कमियां थीं, जिससे कथित गड़बड़ियों को रोकने में लापरवाही सामने आई. जांच के दौरान उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा में कुछ कर्मचारियों को नोटों की गड्डियों से खुले नोट निकालकर कपड़ों, जेबों और अन्य स्थानों पर छिपाते हुए देखा गया. एसआईटी ने फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर करीब 70 बार चोरी या गबन के संकेत मिलने की बात कही है, हालांकि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है.

जेल में बंद आरोपियों से पुलिस की थी पूछताछ

सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि हाल में जेल के भीतर बंद आरोपियों से पूछताछ के दौरान कुछ नए तथ्य सामने आए हैं, इसी क्रम में रविवार को पुलिस की एक टीम ने जेल पहुंचकर पांच आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की थी. जांच एजेंसी का दावा है कि उस पूछताछ में मिली जानकारी ने मामले की दिशा को आगे बढ़ाने में मदद की है. पुलिस का मानना है कि तीनों आरोपियों को कस्टडी में लेकर पूछताछ करने से कथित हेराफेरी के तौर-तरीकों, धन के उपयोग और अन्य संभावित लोगों की भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल हो सकती है. इसी आधार पर अदालत से सात दिन की पुलिस कस्टडी देने का अनुरोध किया गया था.

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