समाचार · छत्तीसगढ़
एक्टिवा का नंबर स्प्लेंडर पर लगाकर घूम रहा युवक:मालिक ने पकड़ा, पुलिस के हवाले किया; मानिकपुर चौकी का मामला
कोरबा में एक ही नंबर की दो गाड़ियां मिली है। एक युवक एक्टिवा का नंबर स्प्लेंडर बाइक पर लगाकर शहर में घूम रहा था। दादर रोड पर एक्टिवा के मालिक के भाई ने जब स्प्लेंडर पर वही नंबर देखा तो उसे शक हुआ। उन्होंने बाइक सवार को रोककर कागजात मांगे, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद उसे बाइक समेत मानिकपुर चौकी पुलिस के हवाले कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, एक्टिवा का नंबर CG 12 BP 4887 है। अरुण सिंह ने यह एक्टिवा अंचल अग्रवाल उर्फ जिमी अग्रवाल को बेची थी। फिलहाल एक्टिवा जिमी अग्रवाल के पास है और उनके नाम पर है। इसी नंबर की प्लेट लगी स्प्लेंडर बाइक पर जिमी अग्रवाल के भाई लोकेश अग्रवाल की नजर दादर रोड पर पड़ी। एक ही नंबर की दो गाड़ियां देखकर उन्हें शक हुआ। उन्होंने स्प्लेंडर सवार युवक को रोककर गाड़ी के कागजात मांगे। युवक गोलमोल जवाब देने लगा और कागजात भी नहीं दिखा सका। इसके बाद लोकेश ने उसे बाइक समेत पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। लोकेश अग्रवाल ने बताया कि स्प्लेंडर पर लगा नंबर उनके भाई की एक्टिवा का है। अगर इस नंबर से कोई घटना या दुर्घटना होती, तो उनके भाई को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। इसी वजह से उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। बताया जा रहा है कि अरुण सिंह ने दादर के एक व्यक्ति से सेकंड हैंड स्प्लेंडर बाइक खरीदी थी। उसके पास बाइक के वैध कागजात नहीं थे। ऐसे में उसने अपनी पुरानी एक्टिवा की नंबर प्लेट निकालकर स्प्लेंडर पर लगा दी और उसी नंबर से शहर में घूम रहा था। पुलिस ने बाइक जब्त की मानिकपुर चौकी पुलिस ने स्प्लेंडर बाइक जब्त कर ली है। पुलिस ने अरुण सिंह के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 और 151 के तहत कार्रवाई की है। मामले की जांच की जा रही है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक ने स्प्लेंडर पर दूसरी गाड़ी का नंबर क्यों लगाया था। क्या वह चालान से बचना चाहता था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल इन संभावनाओं की पुष्टि नहीं हुई है।