entertainment
‘रामायण’ के गीत का अंदाज कव्वाली जैसा बताया, बिहार के क्रिएटर ने क्या कहा, देखें वीडियो

Ramayana Mangal Geet Controversy : रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor), यश (Yash) और साई पल्लवी (Sai Pallavi) की फिल्म ‘रामायण’ (Ramayana) के संगीत को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है. फिल्म के गानों को लेकर जहां लोगों को काफी उम्मीदें हैं, वहीं बिहार के कंटेंट क्रिएटर रीतेश कुमार झा ने एक मंगल गीत पर अपनी नाराजगी जाहिर की है.
‘मंगल गीत को कव्वाली बना दिया’
रीतेश कुमार झा का कहना है कि
‘रामायण’ में बड़े-बड़े कलाकार और संगीतकार जुड़े हैं, इसलिए उन्हें इसके गानों से काफी उम्मीदें थीं. लेकिन अब तक आए गाने सुनकर वह निराश हैं. उन्हें खास तौर पर सीता-राम के विवाह के मंगल गीत से शिकायत है. उनका कहना है कि यह गीत मिथिला की शादी में गाए जाने वाले पारंपरिक गीतों जैसा नहीं लगा, बल्कि उन्हें इसका अंदाज कव्वाली जैसा लगा. उनके मुताबिक, सीता-राम के विवाह के गीत में मिथिला की असली लोकधुन और वहां की शादी की परंपरा की झलक होनी चाहिए थी.
View on Instagram
दूसरे मंगल गीत को भी सुनने की दी सलाह
रीतेश कुमार झा ने सिर्फ आपत्ति जताकर अपनी बात खत्म नहीं की, बल्कि एक दूसरे मंगल गीत की ओर भी लोगों का ध्यान खींचा. उन्होंने उस गीत को सुनने की सलाह दी और बताया कि वह मिथिला की पारंपरिक संस्कृति से जुड़ा है. उनका कहना है कि ऐसे गीतों में स्थानीय परंपराओं और लोकधुनों की असली झलक मिलती है. हालांकि, उनके सुझाव और आपत्ति के बावजूद फिल्म के संगीत को लेकर दर्शकों की राय अलग-अलग हो सकती है.
सोशल मीडिया पर मिथिला में पोस्ट कर कही ये बात
सोशल मीडिया पर मिथिला में पोस्ट कर लिखा कि...
‘रामायण’ सँ जुड़ल एतेक पैघ-पैघ नाम देखि संगीत सँ बहुत आशा छल, मुदा एखन धरि जे गीत सभ सुनलहुँ, से किछु निराश कयलक। ओना बेसी शिकायत नहि अछि, मुदा जखन बात सीता–रामक विवाहक होइत अछि, तखन मिथिलाक होयबाक नाते अपेक्षा कनेक बढ़ि जाइत अछि। बुझाइत अछि जे मिथिलाक विवाह-परम्परा आ लोकसंगीत पर आरो शोध कऽ, एतयक पारम्परिक विवाह-गीत, धुन आ माटिक सुगन्ध केँ संगीतमे स्थान देबाक चाही छल। एहिसँ गीत सभमे अपनापन सेहो अबैत आ सीता–रामक विवाहक भाव आरो नीक जकाँ उभरि कऽ सामने अबैत।
ये भी पढ़ें: ‘पेड्डी’ में हद से ज्यादा दिखाया जिस्म, बोल्डनेस पर ये क्या बोल गई जाह्नवी कपूर-'100 फीसदी हुई थी हद पार'