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JSEB के पूर्व अध्यक्ष SN Verma की याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

INT News28 October 2026 at 11:17 pm

रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने स्वर्णरेखा जल विद्युत परियोजना के सिकिदिरी हाइडल प्रोजेक्ट में कथित करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता से जुड़े मामले में झारखंड राज्य बिजली बोर्ड (जेएसइबी) के तत्कालीन अध्यक्ष एसएन वर्मा की याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है. जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने प्रार्थी और सीबीआइ का पक्ष सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया.

प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता हिमांशु शेखर ने अदालत में पक्ष रखा. एसएन वर्मा ने आपराधिक रिवीजन याचिका दायर कर सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश की अदालत द्वारा उनकी डिस्चार्ज पिटीशन खारिज किये जाने के आदेश को चुनौती दी है.

क्या है सिकिदिरी हाइडल प्रोजेक्ट का मामला

सिकिदिरी हाइडल प्रोजेक्ट रांची में स्वर्णरेखा जल विद्युत परियोजना का हिस्सा है. यहां 65-65 मेगावाट क्षमता के दो पावर हाउस वर्ष 1977 और 1980 में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) ने स्थापित किये थे.

वर्ष 2011-12 में जेएसइबी ने दोनों पावर हाउस की मरम्मत कराने के बजाय उनका संपूर्ण ओवरहॉलिंग कराने का निर्णय लिया. इसके लिए भेल को 20.87 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया.

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4.88 करोड़ के एस्टीमेट की अनदेखी का आरोप

इस मामले में सीबीआइ ने 2 जून 2016 को आरसी-07(ए)/2016-आर दर्ज किया था. जांच एजेंसी का आरोप है कि 4.88 करोड़ रुपये के स्थानीय एस्टीमेट की अनदेखी कर 20.87 करोड़ रुपये में कार्यादेश दिया गया. इससे बिजली बोर्ड के राजस्व को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाया गया है.

अब हाइकोर्ट में एसएन वर्मा की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद अदालत के निर्णय का इंतजार है.

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