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World Championships: काजल ढोचक और नीलम सिरोही ने कुश्ती में रचा इतिहास, भारत के लिए जीता सिल्वर मेडल

World Championships: भारतीय महिला पहलवान काजल ढोचक और नीलम सिरोही ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किए. बुधवार को दोनों पहलवानों को अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उनके पदकों ने भारतीय कुश्ती में एक नया इतिहास रच दिया. रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह पहला मौका है जब एक ही वर्ल्ड चैंपियनशिप में दो भारतीय महिला पहलवानों ने फाइनल तक का सफर तय किया.
काजल ढोचक ने फाइनल में दी कड़ी टक्कर
76 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में 18 साल की काजल ढोचक का सामना यूक्रेन की अनास्तासिया अल्पेयेवा से हुआ. सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना डेब्यू कर रहीं काजल ने मुकाबले में दमदार प्रदर्शन किया, लेकिन उन्हें 6-8 से करीबी हार का सामना करना पड़ा. इस हार के साथ उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा.
काजल इससे पहले अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप के दो खिताब जीत चुकी हैं. सीनियर स्तर पर अपने पहले ही वर्ल्ड चैंपियनशिप में फाइनल तक पहुंचना उनके लिए बड़ी उपलब्धि रही. सेमीफाइनल में भी काजल ने अपने जुझारूपन का परिचय दिया था. उन्होंने किर्गिस्तान की आइपेरी मेडेट काइजी के खिलाफ 1-7 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की और मुकाबला 10-7 से जीतकर फाइनल में जगह बनाई.
नीलम सिरोही को जापान की दिग्गज पहलवान ने हराया
50 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में 26 साल की नीलम सिरोही के सामने जापान की चार बार की वर्ल्ड चैंपियन युई सुसाकी की चुनौती थी. नीलम मुकाबले में 0-5 से पीछे चल रही थीं. इसके बाद उन्हें फॉल के जरिए हार का सामना करना पड़ा और सिल्वर मेडल के साथ अपना अभियान समाप्त किया.
नीलम ने पूरे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया था. उन्होंने कजाकिस्तान की जेनेप बायानोवा को सेमीफाइनल में 7-3 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया था. हालांकि, खिताबी मुकाबले में वह जापानी पहलवान की चुनौती पार नहीं कर सकीं.
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भारतीय महिला कुश्ती के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
काजल और नीलम के सिल्वर मेडल भारतीय महिला कुश्ती के लिए खास हैं. वर्ल्ड चैंपियनशिप के एक ही संस्करण में दो भारतीय महिलाओं का फाइनल में पहुंचना पहली बार हुआ है. इससे पहले 2021 में अंशु मलिक ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनकर इतिहास रचा था.
दोनों पहलवानों के पदकों ने भारतीय महिला कुश्ती की उपलब्धियों में एक और अहम अध्याय जोड़ दिया है.
रजनिता का अभियान रेपेचेज में समाप्त
महिलाओं के 65 किलोग्राम भारवर्ग में रजनिता को रेपेचेज राउंड में हार का सामना करना पड़ा. वह जापान की नाना इकेहाता के खिलाफ 2-6 से मुकाबला हार गईं. इस हार के साथ उनका अभियान समाप्त हो गया और वह ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में जगह नहीं बना सकीं.
महिला कुश्ती में अब आखिरी दिन के मुकाबले बाकी हैं. गुरुवार को 55 किलोग्राम और 59 किलोग्राम भारवर्ग के मुकाबले खेले जाएंगे, जिसके साथ महिलाओं की प्रतियोगिता का समापन होगा.
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