समाचार · मध्य प्रदेश
हरदा में पीओएस मशीन से खाद वितरण रुका:पांच दिनों से स्टॉक अपलोड न होने से किसान यूरिया-डीएपी के लिए परेशान
हरदा जिले में यूरिया और डीएपी खाद की परेशानी बनी हुई है। पिछले तीन दिनों से पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन में खाद का स्टॉक अपलोड नहीं होने के कारण किसानों को खाद का वितरण नहीं किया जा रहा है। खाद लेने के लिए किसान एमपी एग्रो और जिला विपणन संघ के गोदामों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें बिना खाद लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है। तीन दिन से बंद है खाद का वितरण खाद वितरण में आ रही परेशानी पिछले तीन दिनों से बनी हुई है। पीओएस मशीन में स्टॉक अपलोड नहीं होने के कारण किसानों को यूरिया और डीएपी नहीं दिया जा रहा है। किसान खाद लेने के लिए निर्धारित केंद्रों और गोदामों तक पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां से उन्हें वितरण बंद होने की जानकारी दी जा रही है। इससे किसानों को बार-बार गोदामों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। एमपी एग्रो और विपणन संघ के गोदामों पर ताले किसान खाद लेने के लिए एमपी एग्रो और जिला विपणन संघ के गोदामों पर पहुंच रहे हैं। यहां फिलहाल ताले लगे हुए हैं। गोदामों के बाहर एक सूचना भी चस्पा की गई है, जिसमें बताया गया है कि आगामी आदेश के बाद ही खाद का वितरण किया जाएगा। सूचना में इसका कारण पीओएस मशीन पर खाद का स्टॉक अपलोड किया जाना बताया गया है। ऐसे में खाद की उम्मीद लेकर पहुंचे किसानों को वापस लौटना पड़ रहा है। मक्का फसल के लिए यूरिया की तत्काल जरूरत किसानों का कहना है कि इस समय मक्का फसल के लिए यूरिया की जरूरत है। फसल में खाद डालने का समय निकलता जा रहा है और उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। किसानों को चिंता है कि अगर समय पर यूरिया नहीं मिली तो फसल के विकास पर इसका असर पड़ सकता है और उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसी वजह से किसान जल्द से जल्द खाद वितरण शुरू करने की मांग कर रहे हैं। तीन बार लाइन में लगने के बाद भी नहीं मिली खाद कई किसानों ने बताया कि वे खाद लेने के लिए एक-दो बार नहीं, बल्कि तीन बार तक लाइन में लग चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें यूरिया नहीं मिल सकी। किसान सुबह से खाद मिलने की उम्मीद में केंद्रों पर पहुंचते हैं, लेकिन वितरण शुरू नहीं होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। बार-बार लाइन में लगने और खाली हाथ लौटने से किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। किसानों को फसल खराब होने की चिंता खाद नहीं मिलने से किसानों को अपनी फसलों की चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि मक्का की फसल के लिए अभी यूरिया जरूरी है। यदि समय पर खाद नहीं मिली तो फसल पर इसका असर पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पीओएस मशीन में स्टॉक अपडेट कराने और खाद का वितरण शुरू करने की मांग की है, ताकि उन्हें समय पर खाद मिल सके। अधिकारियों का दावा- जिले में पर्याप्त खाद उपलब्ध अधिकारियों का कहना है कि जिले में यूरिया और डीएपी खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और खाद की कोई कमी नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक समस्या खाद की उपलब्धता को लेकर नहीं, बल्कि पीओएस मशीन और पोर्टल पर स्टॉक अपडेट नहीं होने के कारण वितरण रुकने की है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया है कि तकनीकी समस्या दूर होते ही खाद का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। तकनीकी समस्या के कारण पोर्टल पर नहीं हुआ अपडेट अधिकारियों के अनुसार खाद का स्टॉक पोर्टल पर अपडेट नहीं हो पाया है। पीओएस मशीन में स्टॉक दर्ज होने के बाद ही किसानों को खाद का वितरण किया जाना है। फिलहाल इसी तकनीकी प्रक्रिया के कारण वितरण प्रभावित हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि स्टॉक अपडेट होते ही किसानों को पहले की तरह सुचारू रूप से खाद उपलब्ध कराई जाएगी। बुधवार रात के बाद भी नहीं शुरू हुआ वितरण गौरतलब है कि बुधवार रात को प्रशासन की ओर से कहा गया था कि पीओएस मशीन पर स्टॉक अपडेट होने के बाद खाद का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। किसानों को उम्मीद थी कि जल्द ही खाद मिलना शुरू हो जाएगी। लेकिन इसके बाद भी स्टॉक अपडेट नहीं हो पाया। अब पांच दिन बीत जाने के बावजूद किसानों को खाद नहीं मिल रही है, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। स्टॉक अपडेट होते ही वितरण शुरू करने का आश्वासन अधिकारियों ने कहा है कि जैसे ही पीओएस मशीन और पोर्टल पर खाद का स्टॉक अपडेट हो जाएगा, वितरण शुरू कर दिया जाएगा। किसानों को खाद लेने के लिए दोबारा लंबी कतारों में परेशान न होना पड़े, इसके लिए व्यवस्था सुचारु करने की बात कही गई है। फिलहाल किसान खाद वितरण शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं और प्रशासन से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग कर रहे हैं। खाद की उपलब्धता और वितरण के बीच फंसे किसान हरदा में एक तरफ अधिकारियों का कहना है कि जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, वहीं दूसरी तरफ किसान खाद के लिए गोदामों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। तकनीकी समस्या के कारण खाद उपलब्ध होने के बावजूद उसका वितरण नहीं हो पा रहा है। मक्का की फसल के लिए यूरिया की जरूरत के बीच पांच दिन से बनी इस स्थिति ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों की मांग है कि तकनीकी समस्या को जल्द दूर कर खाद वितरण शुरू किया जाए, ताकि फसलों को समय पर खाद मिल सके।