sports
हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास, लॉर्ड्स में ऐसा कारनामा करने वाली पहली भारतीय बनीं

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शुक्रवार (10 जुलाई) को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के दौरान इतिहास रच दिया. 58 रन की शानदार पारी खेलते हुए वह लॉर्ड्स में टेस्ट, वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय में अर्धशतक लगाने वाली पहली भारतीय क्रिकेटर बन गईं.
किसी भी भारतीय ने नहीं किया था ऐसा
हरमनप्रीत से पहले कोई भी भारतीय खिलाड़ी, चाहे पुरुष हो या महिला, लॉर्ड्स में तीनों फॉर्मेट में 50+ स्कोर नहीं बना पाया था. भारत की ओर से युवराज सिंह ने लॉर्ड्स में वनडे और टी20 में अर्धशतक लगाया था, लेकिन उन्हें वहां टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला. इसी वजह से यह उपलब्धि उनसे भी दूर रह गई.
लॉर्ड्स में हरमनप्रीत का शानदार रिकॉर्ड
हरमनप्रीत ने 2012 और 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे मैचों में क्रमशः 50 और 51 रन बनाए थे. इसके बाद उन्होंने जून 2026 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में 56 रन की पारी खेली. अब इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में 58 रन बनाकर उन्होंने तीनों फॉर्मेट में फिफ्टी पूरी कर ली.
महिला क्रिकेट में भी पहली खिलाड़ी
यह उपलब्धि हासिल करने वाली हरमनप्रीत दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर भी बन गई हैं. दरअसल, भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जा रहा मुकाबला लॉर्ड्स में आयोजित पहला महिला टेस्ट मैच है. इससे पहले किसी महिला खिलाड़ी को वहां टेस्ट मैच खेलने का अवसर ही नहीं मिला था.
दुनिया के चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल
हरमनप्रीत अब उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गई हैं जिन्होंने लॉर्ड्स में क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में 50+ स्कोर बनाया है. उनसे पहले यह कारनामा केवल श्रीलंका के महेला जयवर्धने, कुमार संगकारा और पाकिस्तान के यूनिस खान ही कर पाए थे.
लॉर्ड्स में तीनों फॉर्मेट में 50+ स्कोर बनाने वाले खिलाड़ी
इंग्लैंड का कोई खिलाड़ी भी नहीं कर सका कमाल
दिलचस्प बात यह है कि क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स में अब तक कोई भी इंग्लिश खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड नहीं बना सका है. हरमनप्रीत ने यह उपलब्धि हासिल कर खुद को एक बेहद विशिष्ट क्लब में शामिल कर लिया.
58 रन की अहम पारी
मैच में हरमनप्रीत ने 121 गेंदों का सामना करते हुए 58 रन बनाए। उनकी पारी में सात चौके शामिल रहे। भारतीय कप्तान की इस पारी ने टीम को मुश्किल परिस्थितियों से उबारने में अहम भूमिका निभाई.
ये भी पढ़ें: स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास, 300 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली सबसे युवा महिला क्रिकेटर बनीं