Saturday, 11 July 2026
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‘एक पेड़ मां के नाम’ 3.0; CM होंगे शामिल:BSF बुढ़ानिया परिसर में एक लाख पौधे रौंपने से होगी शुरुआत; 21 लाख रोपण का टारगेट

INT News10 July 2026 at 10:58 pm

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के तहत इस वर्ष इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में 21 लाख पौधे लगाए जाएंगे और 51 हजार जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। अभियान का औपचारिक शुभारंभ 12 जुलाई, रविवार को बीएसएफ कैंपस, बुढ़ानिया में एक लाख पौधों के रोपण के साथ होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहेंगे। विजयवर्गीय ने बताया कि अभियान के तहत 6 से 10 फीट ऊंचाई के पौधे लगाए जाएंगे, ताकि उनके जीवित रहने की संभावना अधिक रहे और कम समय में वे विकसित होकर वृक्ष बन सकें। हरियाली में भी नंबर वन बनेगा इंदौर विजयवर्गीय ने कहा कि स्वच्छता में लगातार देश का नंबर-1 शहर रहने वाला इंदौर अब हरियाली के क्षेत्र में भी नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में इंदौर में रिकॉर्ड स्तर पर वृक्षारोपण हुआ है। पहले चरण में 51 लाख और दूसरे चरण में 15.30 लाख पौधे लगाए गए थे, जबकि इस वर्ष 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण अभियान 5 जुलाई से शुरू हो चुका है। अब तक करीब ढाई लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। रेवती रेंज में 12.40 लाख से अधिक पौधे लगाकर इंदौर ने विश्व रिकॉर्ड भी बनाया था। देवगुराड़िया से सिरपुर तक हरियाली का विस्तार मंत्री ने बताया कि शहर और आसपास के कई बड़े क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा। देवगुराड़िया के पीछे स्थित टेकरी पर एक लाख से अधिक, सिरपुर तालाब के पीछे एक लाख और राऊ तालाब के किनारे 10 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न सरकारी और वन क्षेत्रों में भी पौधारोपण किया जाएगा। ‘मां की बगिया’ अवधारणा के तहत केवल फलदार पौधों का रोपण होगा। अभियान में मालवा की जलवायु के अनुकूल महोगनी, मौलसरी, जामुन, नीम, बरगद, पीपल, कचनार, आम, कटहल, नींबू, संतरा, मौसंबी, सीताफल और अनार समेत कई प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। पौधों की सिंचाई के लिए विशेष व्यवस्था बुढ़ानिया क्षेत्र की पथरीली जमीन को चुनौती बताते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि पौधों के संरक्षण और सिंचाई के लिए यशवंत सागर से पाइपलाइन बिछाकर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञ सलाहकार नियुक्त किए गए हैं। साथ ही अलग टीम बनाई गई है, जो पौधों की देखभाल और सिंचाई सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वर्षा को आकर्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शहर और आसपास का क्षेत्र जितना हरा-भरा होगा, वर्षा की संभावना भी उतनी बेहतर होगी। 'पेड़ लगाओ, पानी बचाओ' बनेगा जन आंदोलन विजयवर्गीय ने बताया कि इस वर्ष अभियान को जल संरक्षण से भी जोड़ा गया है। 'पेड़ लगाओ, पानी बचाओ' के संदेश के साथ 51 हजार घरों की छतों से वर्षा जल को भूगर्भ में पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इससे भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरणीय विरासत तैयार करने का प्रयास है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी पत्र लिखकर अभियान में शामिल होने और वृक्षारोपण करने का आमंत्रण देने की बात कही।