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वकील के समर्थन में जींद बार का वर्क सस्पेंड:बिजली कर्मचारियों से मारपीट केस, कोर्ट में नहीं होगी मामलों की सुनवाई
जींद जिला बार एसोसिएशन ने अधिवक्ता प्रवीण बूरा के समर्थन में बुधवार, 7 अक्टूबर को वर्क सस्पेंड रखने का निर्णय लिया है। इससे जिला कोर्ट में बुधवार को होने वाले मामलों की सुनवाई प्रभावित रहेगी। सफीदों बार की मांग पर जिला बार की एडहॉक कमेटी ने यह फैसला लिया। 25 सितंबर के बाद यह तीसरी बार है, जब जिला बार ने वर्क सस्पेंड का निर्णय लिया है। प्रवीण बूरा ने 16 सितंबर को पावर हाउस में बिजली कर्मचारियों पर मारपीट के आरोप लगाए थे, जिसके बाद पुलिस ने एसडीओ समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामले में एक लाइनमैन की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, भाकियू और ग्रामीण 20 सितंबर से प्रवीण बूरा के समर्थन में धरना दे रहे हैं। जानिए कब-कब रहा वर्क सस्पेंड जिला बार ने पहली बार 25 सितंबर को सफीदों बार की कॉल पर पहली बार वर्क सस्पेंड किया। इसके बाद 28 सितंबर को दो दिन के लिए वर्क सस्पेंड रखा। दूसरी बार की कॉल पर नरवाना बार ने भी वर्क सस्पेंड रखा। अब 7 अक्टूबर को तीसरी बार वर्क सस्पेंड रखने का निर्णय लिया है। हालांकि सफीदों बार ने 6 अक्टूबर को भी वर्क सस्पेंड रखा था। सफीदों बार का मिला था प्रस्ताव जिला बार एडहॉक कमेटी के पदाधिकारी एडवोकेट हरिमोहन शर्मा ने कहा कि सफीदों बार का प्रस्ताव मिला था। एडहॉक कमेटी ने चर्चा के बाद 7 अक्टूबर को वर्क सस्पेंड रखने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि जिला बार न्याय की लड़ाई में वकील साथी के साथ खड़ी रहेगी। भाकियू- ग्रामीण दे रहे धरना वकील प्रवीण बूरा के समर्थन में भाकियू और ग्रामीण 20 सितंबर से धरना दे रहे है। सफीदों में एसडीएम ऑफिस का घेराव कर अपना ज्ञापन सौंप चुके है। धरना समिति की प्रमुख मांगें आरोपी बिजली कर्मचारियों की गिरफ्तारी, हाट पॉवर हाउस के कर्मचारियों का ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं। जानिए क्या है पूरा मामला गांव हाट निवासी अधिवक्ता प्रवीण बूरा ने सफीदों पुलिस को शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि 16 सितंबर की रात वह अपनी शिकायत दर्ज करवाने पॉवर हाउस गया था। जहां विवाद के बाद बिजली कर्मी मनीष और रवि ने उसके साथ मारपीट की। पुलिस ने उनकी शिकायत पर एसडीओ सहित पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। लाइनमैन रवि की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।