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हरीश रावत का स्टिंग कर सरकार गिराने वाले उमेश कर सकते हैं कांग्रेस जॉइन; चुनाव से पहले घमासान

विनोद मुसान, देहरादूनउत्तराखंड कांग्रेस एक बार फिर निर्दलीय विधायक उमेश कुमार को लेकर उलझती नजर आ रही है। उमेश के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि जिस व्यक्ति ने उनकी सरकार गिराई, कांग्रेस के कुछ ‘हुड़दंगी’ उसे हीरो बनाने में लगे हैं।हरीश रावत की ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ के बाद पार्टी के भीतर उपजे विवाद की असली वजह यही बात बताई जा रही है। हरीश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी खुलकर इसका जिक्र किया है। उनका कहना है कि वर्ष 2016 में कांग्रेस की सरकार को गिराने में जो व्यक्ति इंस्ट्रूमेंट बना, आज उस व्यक्ति को कुछ नए ब्रांड के हरिद्वार व इसके आस-पास के हुड़दंगिये कांग्रेसी महिमामंडित करने में लगे हुए हैं।हरीश रावत के क्या हैं आरोपहरीश का आरोप है कि पहले उनका लोकसभा के चुनाव के वक्त में प्रयास था और अब तो प्रयास और गहरा है। जो सरकार गिराने का माध्यम बना, वह अब वंदनीय दिखाई दे रहा है। क्योंकि उसके पास अपार दौलत है और अधिकांश दौलत का बड़ा हिस्सा 2016 में उनकी सरकार गिराने के बाद खरीदा गया है। उत्तराखंड कांग्रेस में मचे सियासी घमासान और प्रदेश प्रभारी की आपत्तियों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के अगले राजनीतिक कदम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। मंगलवार को ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा पहुंचे हरीश रावत ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की।दिल्ली दरबार में आज अपनी बात रखेंगे हरीशपहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक हरीश रावत को मंगलवार को किच्छा से देहरादून आना था, लेकिन सियासी हलचल के बीच उनके शेड्यूल में बदलाव हुआ है। अब वे बुधवार को किच्छा से दिल्ली जाएंगे। बुधवार को दिल्ली में हरीश आलाकमान के सामने पक्ष रखेंगे। संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के साथ उनकी वार्ता होगी। इस मुलाकात के बाद ही कांग्रेस में जारी खींचतान और रावत के भावी रुख को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है।जिसके कारण सत्ता गई वह हीरो हो गया: हरीशअपना दर्द साझा करते हुए हरीश कहते हैं, जिस व्यक्ति ने सरकार बचाने के लिए प्राण लगाए, संघर्ष किया, वो आज उनकी नजर में विलन है और जिस व्यक्ति के कारण उत्तराखंड से 10 साल के लिए कांग्रेस की विदाई हुई, वो व्यक्ति उनके लिए आज हीरो है। बता दें कि हरीश और उमेश के बीच वर्ष 2016 के चर्चित स्टिंग ऑपरेशन के बाद विवाद बना हुआ है। तब उमेश एक पत्रकार थे, लेकिन अब वह खानपुर सीट से निर्दलीय विधायक हैं। वहीं, इस बार हरीश रावत खानपुर से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं।