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सिरसा सोलर-प्लांट ठेकेदार मर्डर केस, पहले हुई थी फायरिंग:परिजन डीएसपी से मिले, पर कार्रवाई नहीं, चश्मदीद बोला-कान के पास से निकली गोली
सिरसा जिले के गांव जमाल में सोलर प्लांट में ठेकेदार सुभाष बेनीवाल की हत्या मामले में परिजनों ने पुलिस पर ही सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि सुभाष पर करीब तीन दिन पहले भी प्लांट में फायरिंग हुई थी और उसकी रेकी करते हुए बिना नंबर की गाड़ी गांव में घूम रही थी। परिजनों ने डीएसपी से भी मिले, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। तीन दिन बाद आरोपी उसे मारने आ पहुंचे। इस घटना का चश्मदीद बोला, मंगलवार दोपहर को वह और सुभाष पास में ही ऑफिस में बैठे थे। सुभाष प्लांट के अफसर से फोन पर बात कर रहा था। उस समय एक ने गेट खोला और आते ही गोली चला दी। तीन बाहर खड़े थे। दो गोलियां सुभाष पर चलाई और एक गोली उसके कान के पास से निकली, जिससे वह बच गया। उसने भागकर अपनी जान बचाई। तीन दिन पहले भी सुभाष पर फायरिंग हुई थी और आरोपियों द्वारा मारने, मरने की बात चल रही थी। सोलर के काम को लेकर झगड़ा चल रहा था। प्लांट में चार हिस्सेदार है और एक साइड में अपने हिस्से मे सुभाष काम पर लगा था। घटना के समय उन्होंने कोई बात नहीं की और न ही कुछ पूछा। मौका ही नहीं मिला, सीधे गोलियां चला दी। परिजनों व ग्रामीणों की पुलिस व प्रशासन से मांग है कि इसमें जितने भी हमलावर आरोपी शामिल है और पुलिस को शक जताया है। अगर इनको गिरफ्तार नहीं किया तो वे शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। अभी शव का पोर्स्टमार्टम नहीं हो पाया है। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। इस बाद में अपडेट किया जाएगा। सिलसिलेवार ढंग से जानिएं पिता के बयान पर मुकदमा दर्ज मामले में नाथुसरी चोपटा थाना प्रभारी प्रमोद कुमार का कहना है कि मृतक के पिता के बयान पर हत्या की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में जांच जारी है। अभी आरोपियों का पता लगा रहे हैं। परिजनो ने कुछ आरोपियो के नाम बताए हैं, उनकी पहचान कर जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द आरोपियों को पकड़ा जाएगा। अभी मृतक का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। पिता बोला-कुछ देर बाद ही सुभाष ने तोड़ दिया था दम मृतक सुभाष के पिता बहादुर सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया, बेटा सुभाष अपने ऑफिस में बैठा हुआ था। उस समय आरोपी आए और आते ही उन्होंने सुभाष पर गोली चला दी। उन्होंने तीसरी गोली भी मारने की कोशिश की। इसके बाद वे फरार हो गए। फैक्ट्री से फोन आया तो पता चला वह भी गांव से प्लांट की ओर गया। रास्ते में सुभाष को घायलवस्था में गाड़ी लेकर आते मिले तो वह भी उनके साथ बैठ गया। उस समय सुभाष कुछ बोल रहा था, पर रंगड़ी गांव के पास आकर उसने बोलना बंद कर दिया और हालत नाजुक नजर आई। गोलियां का जहर इतना फैल गया कि वह बच नहीं सका। सुभाष और राकेश अच्छे दोस्त थे, धोखेबाज निकला पिता बहादुर सिंह ने बताया, बचपन से सुभाष और राकेश सब एक साथ रहते थे और अच्छे दोस्त थे। राकेश ही धोखेबाज निकला। करीब 15 दिन पहले आरोपी युवक मेरे से खेत में मिलने आया था और कहने लगा कि अगर कोई कांड कर दिया तो मुझे मत कहना, सुभाष मेरे साथ प्लांट के कार्य में गलत कर रहा है कि उसने मेरे आदमी निकाल दिए। इस पर मैंने कहा, सुभाष ने ऐसा क्या कर दिया। उससे पूछंगा। आरोपी ने सुभाष को मारने की तीन-चार बार चेतावनी दी थी कि कुछ कांड हो जाए तो मत कहना पिता ने बताया, आरोपी ने मुझे चार से पांच बार चेतावनी देते हुए कहा था कि कोई कांड हो जाए तो मामा मुझे उलहाना मत देना। मैंने उसी दिन शाम को घर आने पर सुभाष से पूछा तो उसने बताया कि, इन्होंने रात को प्लांट में चोरी की है। वहां से 10 से 12 राड़ लाए है और घर पर सोलर लाइट लगवाने के लिए लाए हैं। सुभाष बोला, उसने उसे साफ बोल दिया है कि आपस में सांझा नहीं चल सकता। तु अपना और मैं अपना काम कर लूंगा। सुभाष प्लॉट के झगड़े के बाद लिया था हिस्सेदारी का काम इससे पहले खारिया वाले युवक के साथ 20 लाख के प्लॉट का झगड़ा था। सुभाष के नाम प्लॉट था, जिसकी 8 हजार रुपए किस्त थी। उससे बहकावे में लाकर प्लॉट ले लिया। वह पैसों के पीछे भागता था। सुभाष व्यवहार में था। अब सुभाष ने प्लांट का काम आपसी हिस्सेदारी में लिया था। हमलावरों में चार से पांच लोग थे, जिनमें ढुकड़ा, मंदौरी, मनमंदौरी और कुछ गांव में था। इनका शुरू में पाइलिंग का काम होता था। आरोप-गोली चलने पर डीएसपी ने कार्रवाई का दिया था आश्वासन, कुछ किया नहीं परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया, तीन तारीख को भी सुभाष पर आरोपियों ने गोली चलाई थी। उस समय सुभाष प्लांट से बाहर था तो बच गया। इसके लिए डीएसपी से भी मिले थे और आश्वासन दिया था कि मामले में कार्रवाई करेंगे। पर्चा दर्ज कराया था। गांव में बिना नंबर की गाड़ी पिछले 10-15 दिन से घूम रही थी और घटना में गांव से भी 10 से 15 लोग होने का शक है। चिट्टा बेचने वालों पर पुलिस कार्रवाई करे तो वारदात नहीं होती इस बारे में पुलिस को शिकायत दी थी कि बिना नंबर की गाड़ी गांव में घूम रही है और गांव का माहौल शांत होना चाहिए। डीसी, एसपी को भी शिकायत दी हुई है। अगर प्रशासन सचेत हो तो गांव से चिट्टा वाला युवकों की रोक हो जाए तो वारदात नहीं होती। डीएसपी ने आश्वासन दिया था, पर कोई कार्रवाई नहीं की। किसान नेता बोले, ये हथियार कल्चर का कारण नशा किसानों नेता ने बताया कि छोटी सी बात हत्या तक पहुंच गई। राकेश नाम के युवक पर गोली चलाने के परिजनों ने आरोप लगाए हैं। कुछ दिन पहले भी गोली चली थी। इस बारे में परिजन डीसी व डीएसपी से मिले थे कि उनकी कहासुनी हुई है और फायरिंग की है। समय से उन आरोपियों पर कार्रवाई होती तो ये नौबत नहीं आती और चार बहनों के भाई की जान बच जाती। ये हथियार कल्चर नशे से ही उत्पन्न हुआ है। काम को लेकर था विवाद, चार बहनों का इकलौता भाई सुभाष पुलिस के अनुसार, सुभाष अविवाहित था और चार बहनों का इकलौता भाई था। जमाल गांव में राजस्थान सीमा के पास 'हैक्सा सन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड' का सोलर प्लांट लगाया जा रहा है, जहां सुभाष ठेकेदारी का काम संभाल रहा था। इसके लिए करीब 300 से 400 एकड़ जमीन ली हुई है। सुभाष व उसके दोस्तों का सोलर का काम को लेकर ही विवाद था। हर कोई खुद ही काम करना चाहता था। इसी रंजिश में गोलियां चला दी।