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रतिया SDM दफ्तर पर किसानों ने दिया धरना:बारिश-ओलावृष्टि से फसल नुकसान का मुआवजा मांगा, गिरदावरी के लिए पोर्टल खोलने की मांग
फतेहाबाद जिले के रतिया में किसानों ने गुरुवार को एसडीएम कार्यालय के सामने धरना दिया। किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर ओलावृष्टि से बर्बाद धान की फसल की तुरंत गिरदावरी और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की। जिला प्रधान निर्भय सिंह ने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार किसानों को परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले धान खरीद के लिए प्रति एकड़ 28 क्विंटल की शर्त लगाई गई और फिर किसानों के पंजीकरण रद्द कर दिए गए। दोबारा पंजीकरण नहीं होने से किसान सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते रहे। गिरदावरी के लिए नहीं खोला गया पोर्टल : निर्भय निर्भय सिंह ने कहा कि ओलावृष्टि से धान की पूरी फसल बर्बाद होने के छह दिन बाद सिर्फ पोर्टल खोला गया है, जबकि गिरदावरी अब तक शुरू नहीं हुई। इससे किसानों में रोष है। अमन रतिया ने कहा कि किसानों का पक्का मोर्चा रोज सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक जारी रहेगा। यह तब तक चलेगा, जब तक सभी प्रभावित किसानों की गिरदावरी नहीं हो जाती। पांच एकड़ की सीमा हटाए जाने की मांग उन्होंने मांग की कि मुआवजे के लिए पांच एकड़ तक की सीमा हटाई जाए। दो एकड़ से लेकर 100 एकड़ तक, जिसकी भी फसल बर्बाद हुई है, उसे उचित मुआवजा दिया जाए। अमन रतिया ने कहा कि मुआवजा 15 हजार रुपए प्रति एकड़ से बढ़ाकर 1 लाख रुपए प्रति एकड़ किया जाए, ताकि फसल बर्बाद होने से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके। किसानों ने सरकार से बिना देरी सभी प्रभावित खेतों की गिरदावरी कराने, मुआवजे की सीमा हटाने और उचित मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।