Thursday, 29 October 2026
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रोहित रिछारिया बोले-हिंदू ही धर्म के खिलाफ:धीरेंद्र शास्त्री के शिष्य ने कहा- गाय को माता मानने वाले देश में गौमांस का व्यापार दुर्भाग्य

INT News29 October 2026 at 07:44 pm

बालाघाट में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के शिष्य कहे जाने वाले आचार्य रोहित रिछारिया ने कहा कि आज हिंदू ही हिंदू धर्म के खिलाफ हैं। उन्होंने गाय के मांस के व्यापार पर चिंता जताते हुए सनातनियों और हिंदुओं से जागने की अपील की। धीरेंद्र शास्त्री भी दे चुके हैं बयान इससे पहले पीतांबरा पीठ में मां बगलामुखी के दर्शन करने पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि सनातन और हिंदुत्व को ईसाई और मुसलमानों से ज्यादा खतरा हिंदुओं से है। अब उनके शिष्य का यह बयान सामने आया है। रिछारिया जिले के मॉयल क्षेत्र के हीरापुर स्थित श्री सिद्धपीठ विष्णुधाम मंदिर में श्री हनुमंत कथा करने पहुंचे हैं। मंदिर में आने वाले समय में हनुमानजी की प्रतिमा स्थापित की जानी है। कथा के दौरान गुरुवार को उन्होंने पत्रकारों से बात की। हिंदू ही गाय को स्वीकार नहीं कर रहे उन्होंने कहा कि गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने, उनके संरक्षण और नस्ल सुधार के लिए संत और समाज प्रयास कर रहे हैं। शासन और प्रशासन भी काम कर रहे हैं, लेकिन हिंदू ही गाय को स्वीकार नहीं कर रहे। उनके मुताबिक, इसी वजह से गौवंश सड़कों पर दिखाई देता है। रिछारिया ने कहा कि अगर हिंदू सजग हो जाएं तो गौवंश की रक्षा होगी और उसका वध भी नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जब कोई हिंदू धर्म के लिए अच्छा काम करता है, तो कुछ लोग उसका विरोध करने लगते हैं। माता कहने के बाद भी गोहत्या हो रही हैं उन्होंने कहा कि भारत में गाय को माता कहा जाता है, फिर भी उसकी हत्या हो रही है और उसके मांस का व्यापार किया जा रहा है। उनके मुताबिक, इस मुद्दे पर सनातनियों और हिंदुओं के नहीं बोलने का यह नतीजा है। उन्होंने कहा कि जब तक हिंदू जागेंगे और बोलेंगे नहीं, तब तक गौमाता की हत्या नहीं रुकेगी। उन्होंने बताया कि गौ-आव्हान, सम्मान पूरे विश्व में संत चला रहे है और अप्रैल से पूरे देश की तहसीलो में करोड़ो गौभक्तों ने इसको लेकर शासन, प्रशासन के नाम ज्ञापन भी दिया है। इसके अलावा आगामी 17 दिसंबर को 31 करोड़ हस्ताक्षर के साथ, गौमाता को राष्ट्रमाता बनाने के समर्थन में सरकार से आव्हान करने वाले है।