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बिहारशरीफ समेत नालंदा में बारिश, चक्रवाती तूफान 'अर्नब' लोगों के लिए बना आफत

Nalanda Weather News : बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का असर अब नालंदा जिले में भी दिखने लगा है. बिहारशरीफ में आज सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश हो रही है.
मौसम विभाग के अनुसार बिहार के 26 जिलों में आज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें नालंदा जिला येलो अलर्ट में है. सुबह से हो रही बूंदाबांदी से तापमान में करीब 3 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड का एहसास बढ़ गया है.
शहर में जलजमाव और सन्नाटा
बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों जैसे सोहसराय, भरावपर, खंदकपर और रामचंद्रपुर में जलजमाव की स्थिति बन गई है. सड़कों पर पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई है और लगातार बारिश के चलते बाजारों में भी सन्नाटा देखा जा रहा है.
मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने 31 अक्टूबर तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है. इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और ठनका (आकाशीय बिजली) गिरने की भी चेतावनी है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम में खुले मैदान और पेड़ के नीचे न खड़े हों, किसान कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और जलजमाव वाले रास्तों से बचकर चलें. बताया जा रहा है कि 29 और 30 अक्टूबर को तूफान का असर सबसे ज्यादा रहेगा.
किसानों के लिए दोहरी मार: खरीफ फसल को नुकसान
बिहारशरीफ और नालंदा जिले में हुई बेमौसम बारिश किसानों के लिए दोहरी मार लेकर आई है. सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश से खेतों में जलजमाव हो गया है और खलिहान में पड़ी फसलें भी भीग गई हैं. अक्टूबर के इस आखिरी सप्ताह की इस बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है.
इन फसलों को हुआ नुकसान
धान (खरीफ की मुख्य फसल): जिले में धान की कटनी जोरों पर थी. बारिश से कटी हुई फसल खेत में ही भीग गई है, जिससे दाना काला पड़ने और अंकुरण का खतरा बढ़ गया है, साथ ही खड़ी फसल भी गिर गई है.
मक्का: देर से लगी मक्के की फसल के दानों में फफूंदी और सड़न की आशंका है.
सब्जी वर्गीय फसलें: आलू की बुआई का काम चल रहा था और खेत में पानी भरने से बोया गया बीज सड़ने का खतरा है. वहीं प्याज, टमाटर, फूलगोभी और बैंगन जैसी सब्जियों में झुलसा व सड़न रोग फैलने का डर है.
दलहन: उड़द और मूंग जैसी फसलें जो खेत में हैं, उनकी फलियां भीगने से गुणवत्ता खराब होगी.
रबी सीजन की फसलों के लिए वरदान
दूसरी ओर, कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश रबी सीजन के लिए अमृत समान साबित हुई है.
गेहूं: गेहूं की बुआई का समय शुरू होने वाला है और इस बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बन गई है, जिससे बुआई में आसानी होगी और सिंचाई की लागत बचेगी.
सरसों / राई / तोरी (तिलहन): सरसों की बुआई के लिए यह बारिश सबसे ज्यादा फायदेमंद है. नमी मिलने से अंकुरण अच्छा होगा.
दलहन (रबी): मसूर, चना, मटर और तीसी जैसी फसलों की बुआई के लिए खेत आसानी से तैयार हो जाएंगे.
चारा फसलें: बरसीम और पशुओं के चारे वाली अन्य फसलों के लिए भी यह बारिश लाभदायक है.
फिलहाल किसान खेतों से पानी निकालने में जुटे हैं. जिला कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे धान की मड़ाई में कुछ दिन रुकें और सब्जियों में फफूंदनाशक का छिड़काव करें.